उत्तर प्रदेश के अमेठी से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बोर्ड परीक्षा से पहले एक प्राइवेट स्कूल की मनमानी की वजह से एक छात्र का पेपर छूट गया. आरोप है कि प्राइवेट स्कूल ने एक महीने की फीस जमा न होने की वजह से छात्र का प्रवेश पत्र रोक लिया, जिससे छात्र की तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उसे हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया.
यह पूरा मामला जनपद के अमेठी कोतवाली क्षेत्र के रायपुर फुलवारी स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र अंशुमान त्रिपाठी का है, जो अपनी 12 वीं की बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल एडमिट कार्ड लेने पहुंचा था, लेकिन स्कूल की ओर से एक महीने की फीस जमा न होने के चलते उसको बिना एडमिट कार्ड के वापस लौटा दिया गया जिसके बाद बच्चे की घर पर आने के बाद तबीयत खराब हो गई ओर आनन फानन में उसके अभिभावक अस्पताल ले कर पहुंच गए.
अस्पताल में भर्ती छात्र
वहीं, बच्चे को एडमिट कार्ड न मिलने से वह मानसिक रूप से तनाव में आ गया जिसके बाद अभिभावक उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे में एंजायटी और डिप्रेशन की समस्या बताई और इलाज के बाद घर भेज दिया.
पिता ने स्कूल पर लगाएं गंभीर आरोप
छात्र के पिता लोकेश त्रिपाठी ने स्कूल प्रशासन पर जबरन पैसा मांगने और मनमानी करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय पर एडमिट कार्ड रोकना पूरी तरह अनुचित है. इस घटना को लेकर स्कूल पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए. वहीं, इस मामले को लेकर एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया की छात्र के घर पर उसका एडमिट कार्ड उसकी माता को दे दिया गया है, बाकी अन्य की जांच की जा रही है.
अभिषेक कुमार त्रिपाठी