कौन हैं JNU के वो नामी चेहरे, जिन्हें गुरुवार को हुए हंगामे के बाद किया गया था अरेस्ट!

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रसंघ के कुछ नामी चेहरों को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें अब जमानत दे दी गई है.   

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JNU में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रसंघ के कुछ नामी चेहरों को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें अब जमानत दे दी गई है. (Photo : ITG) JNU में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रसंघ के कुछ नामी चेहरों को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें अब जमानत दे दी गई है. (Photo : ITG)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर परिसर की राजनीति और छात्र आंदोलनों को सुर्खियों में ला दिया. प्रदर्शन के दौरान छात्रसंघ से जुड़े कुछ प्रमुख चेहरों को पुलिस ने हिरासत में लिया था. इन गिरफ्तारियों को लेकर छात्रों और शिक्षकों के बीच काफी रोष देखने को मिला. हालांकि, उन्हें अब जमानत मिल गई है.  

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गिरफ्तार किए गए छात्रसंघ पदाधिकारी विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली माने जाते हैं. वे कैंपस के विभिन्न मुद्दों जैसे फीस में बढ़त, प्रशासनिक फैसलों और छात्र अधिकारों को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में उन्हें हिरासत में लिया गया था.

इनमें अदिति मिश्रा (जेएनयूएसयू अध्यक्ष), गोपिका बाबू (जेएनयूएसयू उपाध्यक्ष) और दानिश अली (जेएनयूएसयू संयुक्त सचिव) का नाम शामिल है. क्या आप इनके बारे में जानते हैं?

अदिति मिश्रा (आइसा), अध्यक्ष

जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष अदिति मिश्रा विश्वविद्यालय की सक्रिय और मुखर छात्र नेताओं में गिनी जाती हैं. वह जेएनयू के तुलनात्मक राजनीति और राजनीतिक सिद्धांत केंद्र में पीएचडी की छात्रा हैं. उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली अदिति लंबे समय से छात्र आंदोलनों से जुड़ी रही हैं. उन्होंने साल 2017 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में गर्ल्स हॉस्टल के कर्फ्यू समय के खिलाफ हुए आंदोलन में हिस्सा लिया था. इसके अलावा वह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शनों में भी सक्रिय रहीं. 2018 में पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी उन्होंने छात्र कार्यकर्ता के रूप में काम किया. छात्र राजनीति में उनकी सक्रिय भागीदारी और विभिन्न सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर मुखर रुख के कारण वह जेएनयू परिसर में एक पहचाना हुआ चेहरा हैं. 

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किझकूट गोपिका बाबू, उपाध्यक्ष

जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष किझकूट गोपिका बाबू कानून और शासन  अध्ययन केंद्र में पीएचडी की छात्रा हैं. वह केरल के त्रिशूर की रहने वाली हैं और लंबे समय से छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. इस साल हुए छात्रसंघ चुनाव में उन्होंने तान्या कुमारी को 1000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की. इससे पहले साल 2024 में उन्होंने School of Social Sciences के पार्षद का पद भी जीता था. गोपिका बाबू को परिसर में एक संगठित और मजबूत छात्र नेता के रूप में देखा जाता है, जो अकादमिक और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखती हैं. 

दानिश अली ,संयुक्त सचिव

दानिश अली जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव हैं. वह विश्वविद्यालय के Centre for Historical Studies से  पीएचडी कर रही हैं. वह मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बंदरबारू की रहने वाली हैं. उन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. इसके बाद 2022 में मास्टर डिग्री के लिए सेंट्रल हिंदू स्कूल में दाखिला लिया. वह छात्र राजनीति में सक्रिय हैं और शैक्षणिक और सामाजिक मुद्दों पर भागीदारी करती रही हैं. 

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