जेईई एडवांस्ड 2026 में हिस्सा लिए लाखों छात्रों का डेटा लीक होने की खबर सामने आई है. एक 16 साल के लड़के ने
जो इंटरनेट और कंप्यूटर सुरक्षा पर रिसर्च करता है, ने दावा किया है कि उसने JEE Advanced 2026 के रिजल्ट सिस्टम में एक बड़ी कमी पकड़ी है.उसका कहना है कि इस कमी की वजह से परीक्षा देने वाले हजारों छात्रों की पर्सनल और जरूरी जानकारी (जैसे रोल नंबर, मार्क्स, पर्सनल डिटेल्स) लीक हो गई है. ऑनलाइन हैंडल DarthKermy के तहत काम करने वाले शोधकर्ता ने NEET-UG पुनर्परीक्षा से कुछ ही दिन पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पोर्टल में कथित कमजोरियों को उजागर करके ध्यान आकर्षित किया था.
सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी जानकारी
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने जेईई एडवांस्ड 2026 से जुड़ी एक अहम क्लाउड स्टोरेज गलती का पता लगाया है जिसके कारण हजारों छात्रों का डेटा लीक हो गया है.
1.79 लाख छात्रों का डेटा लीक
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने जेईई एडवांस्ड 2026 के उम्मीदवारों की डेटा लीक की जानकारी शेयर की. Rylen Anil नाम के यूजर ने @DarthKermi72747 नाम के अकांउट से जानकारी दी है कि JEE Advanced 2026 के कैंडिडेट/रिजल्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (https://cdata.jeeadv.ac.in/result2026/) में पब्लिक क्लाउड स्टोरेज की सेटिंग में एक गड़बड़ी थी जिसके कारण कैंडिडेट का बहुत सारा डेटा बिना किसी ऑथेंटिकेशन के सबके सामने आ गया. यूजर ने आगे कहा कि इस गड़बड़ी से लगभग 179.6k रिजल्ट रिकॉर्ड और लगभग 187.3k एडमिट-कार्ड PDF लीक हो गए, जिनमें कैंडिडेट के नाम, जन्म की तारीखें और मोबाइल नंबर शामिल थे.
छात्रों की बढ़ी टेंशन
इस खुलासे के बाद से इंटरनेट पर हलचल मच गई है. छात्रों, अभिभावकों और साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स के बीच अब एक नई चिंता पैदा हो गई है. हालांकि, जेईई एडवांस्ड IIT में प्रवेश का द्वार है और हर साल लाखों उम्मीदवार इसमें शामिल होते हैं, इसलिए कथित डेटा लीक की वजह से भारत की परीक्षा प्रणाली में डेटा सुरक्षा को लेकर फिर नई चिंता खड़ी हो गई है. इस खुलासे पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए, जेईई एडवांस्ड 2026 का आयोजन संस्थान आईआईटी रुड़की ने अपनी इस गलती तो स्वीकार किया है.
क्या बोला संस्थान?
इस मुद्दे पर जवाब देते हुए IIT रुड़की ने कहा कि लीक हुए डेटा को केवल देखा जा सकता है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है. लेकिन साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ किसी की निजी जानकारी तक बिना अनुमति पहुंच मिलना भी बड़ा जोखिम है, क्योंकि इससे गोपनीयता और सुरक्षा को खतरा हो सकता है. फिलहाल कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं. IIT रुड़की ने यह नहीं बताया है कि डेटा कितने समय तक सार्वजनिक रहा,क्या किसी ने इसका गलत इस्तेमाल किया और क्या प्रभावित उम्मीदवारों को इसकी जानकारी दी जाएगी.
आजतक एजुकेशन डेस्क