सैनिकों के पर‍िवारों के ल‍िए स्कूल के बच्चों ने बनाई AI ऐप 'वीर-सहारा', ऐसे करेगी हेल्प

देश की सेवा करने वाले सैनियों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जयपुर के युवाओं ने मिसाल पेश की है. जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 12 के दो छात्र कनिष्क रूंगटा और कृषा रूंगटा ने वीरसहारा (VeerSahara) नाम का एक AI-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है. 

Advertisement
एआई बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म से पता चलेंगी सरकारी योजनाएं (Photo : Pexels) एआई बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म से पता चलेंगी सरकारी योजनाएं (Photo : Pexels)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी की लाभदायक योजनाओं की जानकारी और उन तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में एक अहम पहल की शुरुआत हुई है. जयपुर के स्कूली छात्रों ने वीरसहारा ऐप लॉन्च किया है. यह एक AI- बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 12वीं के दो छात्रों कनिष्क रूंगटा और कृषा रूंगटा ने बनाया है. ऐप का लॉन्च राजस्थान सरकार के सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की मौजूदगी में हुआ. 

Advertisement

वीरसहारा को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं, आश्रित और शहीद परिवार अपनी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें और सीधे आवेदन लिंक तक पहुंच सकें. सरल और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस वाले इस प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी के आधार पर उपयोगकर्ताओं को उन योजनाओं और लाभों से अवगत किया जाता है, जिनके लिए वे पात्र हो सकते हैं. 

लॉन्च होने के बाद से हो रही चर्चा 

लॉन्च के कुछ ही समय में इस ऐप को बेहतरीन प्रतिक्रिया मिलनी शुरू हो गई है और 2000 से अधिक परिवार इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी का लाभ ले चुके हैं. इस मौके पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा विद्यार्थियों की ओर से तकनीक को संवेदनशीलता और उद्देश्य के साथ इस्तेमाल करते हुए की गई यह पहल बेहद सराहनीय है. वीरसहारा का डिजाइन अलग है, यह बहुत यूजर-फ्रेंडली है और मौजूदा समय की एक वास्तविक जरूरत को पूरा करता है. यह रक्षा परिवारों को सम्मान, पारदर्शिता और सहजता के साथ जानकारी और लाभ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. 

Advertisement

इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी कर सकते हैं इस्तेमाल 

कर्नल राठौड़ ने यह भी कहा कि इस तरह के मॉडल को शासन-प्रशासन के अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने की संभावनाएं हैं.  उन्होंने प्लेटफॉर्म की सरल संरचना और गाइडेड एक्सेस का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में भी इसी तरह की व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों, उद्यमियों और कारोबारियों को सरकारी योजनाओं,नीतियों और सहायता से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर सरल तरीके से मिल सके.

क्या बोले ऐप के डिजाइनर? 

ऐप विकसित करने के पीछे की सोच बताते हुए कनिष्क रूंगटा ने कहा कि हमने महसूस किया कि कई लाभार्थियों को उपलब्ध सहायता तक पहुंचने में कठिनाई होती है क्योंकि पूरी प्रक्रिया कई बार कठिन और समझने में मुश्किल लगती है.  वीरसहारा के जरिए हमारा प्रयास इस प्रक्रिया को सरल बनाना है, ताकि सैनिक परिवारों के लिए कल्याणकारी सहायता को समझना और पाना आसान हो सके. वहीं, कृषा रूंगटा कहते हैं कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है. यह उन परिवारों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास है, जिन्होंने देश के लिए इतना बड़ा योगदान दिया है. हमारी कोशिश थी कि हम कुछ ऐसा बनाएं जो सार्थक भी हो और आसानी से सब तक पहुंच भी सके. जागरूकता बढ़ाने, प्रक्रिया को सरल बनाने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने की दिशा में वीरसहारा रक्षा परिवारों के लिए जानकारी से आवेदन तक की यात्रा को अधिक सहज बनाने का प्रयास है.

Advertisement

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement