HJU दीक्षांत समारोह विवाद: कौन हैं 'बेइज्जती का शुक्रिया' कहने वाली सारा इस्माइल? इंस्टा पर दी सफाई

जयपुर में HJU के दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रा सारा इस्माइल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के कुप्रबंधन को उजागर किया. छात्रों को डिग्री देने का वादा पूरा नहीं किया गया और केवल गोल्ड मेडलिस्ट्स को मंच पर बुलाया गया. छात्रों ने नाराजगी जताई और 'HJU मुर्दाबाद' के नारे लगाए. सारा ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि प्रशासन के खिलाफ थी. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और छात्र हितों पर सवाल खड़े कर रही है.

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HJU छात्रा सारा इस्माइल (Photo: Instagram) HJU छात्रा सारा इस्माइल (Photo: Instagram)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:57 PM IST

राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को एक ऐसा दीक्षांत समारोह हुआ, जो 'डिग्री' से ज्यादा 'विवाद' के लिए याद रखा जाएगा. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक छात्रा मंच पर डिग्री लेते हुए कहती है, 'HJU का बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया.' यह आवाज है सारा इस्माइल की, जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के कुप्रबंधन को सरेआम बेनकाब कर दिया.

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कौन हैं सारा इस्माइल?
सारा इस्माइल HJU के 2024-25 बैच की छात्रा हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'Sanelysara' नाम से सक्रिय सारा के 30,100 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. वे एक डिजिटल इन्फ्लुएंसर के साथ-साथ एक सजग पत्रकारिता की छात्रा भी हैं, जो अक्सर छात्र हितों और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखती हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस को दिए बयान में सारा ने बताया क‍ि पिछले दो बैच के छात्र राज्यपाल से अपनी डिग्री लेने की उम्मीद में जयपुर आए थे. हमसे लाल बॉर्डर वाली साड़ियां पहनने को कहा गया था, छात्र कुर्ता-पायजामा और काली सैंडल पहनकर आए थे. पूरे राज्य से छात्र अपने माता-पिता के साथ पहुंचे थे.

सारा ने आगे जोड़ा कि दो घंटे लंबे भाषणों के बाद केवल गोल्ड मेडलिस्ट्स को मंच पर बुलाकर कार्यक्रम खत्म कर दिया गया. इसी 'अपमान' ने छात्रों के सब्र का बांध तोड़ दिया.

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मेरा बयान डिप्टी सीएम के खिलाफ नहीं था
सोशल मीडिया पर अपनी 'सफाई' देते हुए सारा ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के खिलाफ नहीं थी. उन्होंने कहा कि मेरा स्टेटमेंट पीसी बैरवा जी के लिए नहीं, बल्कि हरिदेव जोशी विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए था. हमें बताया गया था कि सभी को दीक्षांत समारोह में डिग्री मिलेगी, केवल गोल्ड मेडलिस्ट का कोई जिक्र नहीं था. कई अभिभावक जयपुर के बाहर से आए थे और प्रशासन का यह व्यवहार स्नातक छात्रों और उनके परिवारों के प्रति बेहद अपमानजनक था.

यह भी पढ़ें: 'बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत शुक्रिया', डिग्री लेते हुए राजस्थान के डिप्टी CM के सामने छात्रा का तंज

क्यों भड़के छात्र?
छात्रों को डिग्री का वादा किया गया था, लेकिन अंत में उन्हें 'बाद में लेने' को कह दिया गया. खास ड्रेस कोड का पालन करने के बावजूद छात्रों को मंच पर जगह नहीं दी गई. छात्रों ने 'HJU मुर्दाबाद' के नारे लगाए और डिप्टी सीएम के काफिले को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद अतिथियों को वापस आकर डिग्री देनी पड़ी.

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