भारत के सबसे अच्छे दोस्त रूस के बश्कोर्तोस्तान की राजधानी उफा में भारतीय छात्रों पर चाकूबाजी का मामला सामने आया है. यह घटना वहां मौजूद मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में हुई है. एक यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्रों के हॉस्टल ने ये हमला किया जिसमें भारतीय मूल के 4 छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं. इसे लेकर जानकारी वहां की स्थानिय मीडिया ने दी है. आरोपी एक किशोर बताया जा रहा है, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए दो पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया है.
शुरुआती रिपोर्ट में यह भी बताया जा रह है कि चाकू के साथ एक किशोर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में घुसा और वहां पर रहने वाले छात्रों पर हमला कर दिया. इस दौरान उस न केवल लोगों को चाकू मार कर घायल किया बल्कि खुद को भी चोट पहुंचाई है.
हर साल हजारों छात्र जाते हैं रूस
ध्यान देने वाली बात यह है कि हर साल भारतीय मूल के हजारों छात्र रूस में अपनी हायर एजुकेशन को पूरा करने के लिए जाते हैं, ऐसे में यह घटना छात्रों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़े कर रही है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2023 की तुलना में 2024 में विदेश में अध्ययन करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है. हालांकि, रूस में पढ़ाई कर रहे भारतीयों की संख्या 2024 में 2023 की तुलना में 34 प्रतिशत बढ़ी है.
मेडिकल कोर्स में लेते हैं एडमिशन
भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, रूस में करीब 31,000 से अधिक भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं, जो 2022 के लगभग 19,780 से बढ़कर 2024 में 31,444 तक पहुंच चुका है. इनमें से लगभग 90% छात्र मेडिकल (MBBS) कोर्सेज में एडमिशन लेते हैं.
ये कोर्स भी है बेस्ट
हालांकि, रूस में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र मेडिकल कॉलेजों में ही एडमिशन लेते हैं. लेकिन रूस में इंजीनियरिंग जैसे कोर्सेज की पढ़ाई भी बेस्ट होती है. दशकों से यहां पर इंजनियर्स की खूब डिमांड रही है. रूस में विदेशों से भी इंजनियर्स की हायरिंग की जाती है और यहां पर पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को भी नौकरी दी जाती है.
क्यों MBBS हैं भारतीय छात्रों की पहली पसंद?
रूस में MBBS कोर्स की डिमांड सबसे ज्यादा है. ऐसा इसलिए क्योंकि रूस में एक से बढ़कर एक मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी है. इनमें लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, सेंट्स पीटर्सबर्ग यूनिवर्सिटी, कजान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान शामिल हैं. इसरे साथ ही विदेशों में पढ़ाई करने में सबसे ज्यादा समस्या भाषा में आती है, लेकिन रूस के मेडिकल कॉलेजों में इंग्लिश में पढ़ाई होती है और पढ़ाई का खर्च बहुत अधिक भी नहीं होता है.
कहां-कहां रहते हैं छात्र?
भारतीय छात्र रूसी शहरों में बड़े पैमाने पर पढ़ते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से मॉस्को, कजान, सेंट पीटर्सबर्ग और उफा शामिल है.
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