India Today Education Conclave 2026: कॉलेज है... मगर टीचर नहीं! प्रोफेसर दिनेश सिंह ने बताया- US में कैसे पढ़ते हैं बच्चे?

India Today Education Conclave 2026: इंडिया टुडे एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 में प्रोफेसर दिनेश सिंह ने बताया कि अमेरिका में किस तरह से पढ़ाई हो रही है.

Advertisement
India Today Education Conclave में प्रोफेसर दिनेश सिंह ने यूएस में हो रही एडवांस एजुकेशन के बारे में बताया. (Photo: ITG) India Today Education Conclave में प्रोफेसर दिनेश सिंह ने यूएस में हो रही एडवांस एजुकेशन के बारे में बताया. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

India Today Education Conclave 2026: इंडिया टुडे एजुकेशन कॉन्क्लेव 2026 में के आर मंगलम यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रोफेसर दिनेश सिंह ने भारत और विदेश के एजुकेशन सिस्टम के बारे में बात की. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि दूसरे देशों में किस तरह से पढ़ाई कर रहे हैं और भारत में टीचर्स को किस तरह से बदलने की जरुरत है. साथ ही उन्होंने बताया कि अब टीचर्स को मेंटॉर की तरह काम करना होगा और ब्लैक बोर्ड पर सिर्फ चॉक घिसने से बचना होगा. 

Advertisement

इस दौरान उन्होंने बताया कि अब टीचर्स की जॉब किस तरह से खतरे में है और अब एआई किस तरह से टीचर्स की नौकरियां खा रहा है. टीचर्स की जॉब पर खतरे को लेकर उन्होंने अमेरिका में जिस तरह से पढ़ाई हो रही है, उसके बारे में बताया. उन्होंने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि अमेरिका में एक नया प्रोजेक्ट चल रहा है, जिसे अल्फा स्कूल प्रोजेक्ट का नाम दिया गया है.

उन्होंने बताया, 'टेक्सास से लेकर कई जगहों में ये फैल रहा है. इस प्रोजेक्ट में यूनिवर्सिटी होती है, बिल्डिंग होती है, स्विमिंग पूल, क्लास सब होती है. स्टूडेंट्स भी सुबह टाइम पर आते हैं और शाम में जाते हैं. वहां एक भी टीचर नहीं है. खास बात ये है इन बच्चों का परफॉर्मेंस टॉप लेवल पर है और ये नॉलेज टॉप कर रहे हैं. वहां टीचर्स, मेंटॉर की तरह है और वो सिर्फ गाइड करते हैं.' 

Advertisement

उन्होंने बताया कि इस तरह के एजुकेशन सिस्टम में टीचर्स गाइड करते हैं और एक प्रोजेक्ट देते हैं. फिर उन्हें छोड़ देते हैं, उसके बाद बच्चे खुद से करते हैं. 

टीचर्स को बदलने की जरुरत

इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि हमारे टीचर्स की कमी है कि वो कहने में डरते हैं कि मुझे नहीं आता है. उन्होंने अपने अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि कई बड़े एक्सपर्ट्स ने  माना है कि उन्हें नहीं आता है. ऐसे ही टीचर मान ले कि उन्हें नहीं आता है और स्टूडेंट को बड़ा मान ले तो सबकुछ बदल जाएगा. ऐसा करना पड़ेगा, वरना एआई उसे खा जाएगा. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement