Board Exam 2023: बोर्ड की तैयारी के लिए नया नियम, इस राज्य के मंदिर-मस्जिद में सुबह बजेंगे अलार्म

Haryana Board Exam 2023: सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भेजे पत्र में विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा एक संयुक्त योजना बनाई जाए ताकि छात्रों को स्वाध्याय के लिए कुछ अतिरिक्त घंटे मिल सकें.

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aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 26 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

Board Exam 2023: आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए हरियाणा सरकार ने एक नया नियम निकाला है. अब राज्‍य में मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों से कक्षा 10वीं और 12वीं के स्‍टूडेंट्स को जगाने के लिए लाउडस्‍पीकर पर अलार्म बजाए जाएंगे. ऐसा इसलिए ताकि बच्‍चे सुबह समय से उठकर अपनी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर सकें.

राज्य के शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूल अधिकारियों से भी कहा गया है कि वे माता-पिता से अपने बच्चों को सुबह 4.30 बजे जगाने के लिए कहें ताकि तैयारी के लिए सुबह के समय का उपयोग किया जा सके.

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सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भेजे पत्र में विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा एक संयुक्त योजना बनाई जाए ताकि छात्रों को स्वाध्याय के लिए कुछ अतिरिक्त घंटे मिल सकें.

बोर्ड का मानना है कि पढ़ाई के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है. उस समय मन तरोताजा रहता है और वाहनों का शोर नहीं होता. इसके लिए हर क्लास टीचर अभिभावकों से अनुरोध करें कि वे अपने बच्चों को सुबह 4:30 बजे जगाएं और 5:15 बजे तक पढ़ने के लिए बैठने को कहेंगे.

शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भी पूछताछ करेंगे कि छात्र जाग गए हैं और पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं. अगर अभिभावक सहयोग नहीं कर रहे हैं तो इसे स्कूल प्रबंधन समिति के संज्ञान में लाया जाना चाहिए. शिक्षा विभाग ने गांवों में पंचायत सदस्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा है कि उनके गांवों में सुबह के समय पढ़ाई का माहौल हो.

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माध्‍यमिक शिक्षा निदेशक ने सरकारी स्‍कूल के प्रचार्यों और जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा, 'मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों से सुबह की घोषणाओं (लाउडस्पीकरों के माध्यम से) के लिए संपर्क किया जाना चाहिए ताकि छात्र उठकर पढ़ाई शुरू कर सकें. इसकी मदद से, प्रत्येक छात्र को अतिरिक्त दो से तीन घंटे (पढ़ाई के लिए) मिलने की उम्मीद है.' 

पत्र में आगे कहा गया है कि परीक्षा की तैयारी के लिए उचित माहौल मुहैया कराना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. ऐसा समाज जो बच्चों की शिक्षा में सहायता प्रदान करता है, वे राष्ट्र की प्रगति में योगदान करता है.

 

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