दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्टूडेंट्स अब रेगुलर और ओपन डिग्री प्रोग्राम कोर्स एक साथ कर सकेंगे. दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल कमेटी ने डुअल डिग्री प्रोग्राम को मंजूरी दे दी है. गुरुवार को कुछ शिक्षकों के प्रतिनिधियों की असहमति के बीच, दोहरी डिग्री कार्यक्रमों को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. ये छात्रों को रेगुलर और ओपन लर्निंग मोड के माध्यम से एक साथ दो शैक्षणिक डिग्री हासिल करने की परमिशन देता है.
स्पेशल मॉडरेशन
काउंसिल ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करने वाले छात्रों के लिए स्पेशल मॉडरेशन के प्रावधान को भी मंजूरी दे दी, जो निर्धारित समय में कोर्स पूरा करने की उनकी क्षमता में मुश्किल पैदा करते हैं. ऐसे छात्रों को पहले से लागू किसी भी ग्रेस मार्क के अलावा एक बचे हुए पेपर के लिए अधिकतम 10 अंकों की सीमा तक विशेष छूट दी जाएगी.
कोविड-19 के कारण इन छात्रों को मिलेगा ये मौका
जो छात्र कोरोना वायरस कोविड-19 की वजह से अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए या परीक्षा में नहीं बैठ सके, दिल्ली यूनिवर्सिटी उन छात्रों को अपना कोर्स करने का एक स्पेशल मौका देगी. डीयू के विभागों और केंद्रों के शिक्षकों के लिए पदोन्नति दिशानिर्देश भी कुछ संशोधनों के साथ स्वीकार किए गए. इसके अलावा ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट लेवल आरक्षित सीटों पर नामांकित अनाथ छात्रों की ट्यूशन और हॉस्टल फीस पूरी तरह से माफ करने का प्रावधान किया गया है.
हिंदी पर जोर
मीटिंग के दौरान, स्नातक पाठ्यक्रम रूपरेखा (UGCF)-2022 के अनुसार विभिन्न विभागों के कुछ पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी गई. जिन छात्रों ने कक्षा 8 तक हिंदी नहीं पढ़ी है, उनके लिए हिंदी विभाग के अंतर्गत हिंदी ईएल (सेमेस्टर- I/II में प्रस्तावित) नामक योग्यता वृद्धि पाठ्यक्रम को भी मंजूरी दी गई.
अर्थशास्त्र के तीन डीएसई पेपर्स जोड़े
अंडरग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (UGCF)-2022 के तहत एकेडमिक सेशन 2022-23 अर्थशास्त्र विभाग के अंतर्गत तीन डीएसई पेपर्स को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मंजूरी दी गई है, जिनमें इकोनॉमिक थॉट्स ऑफ डॉ. बी.आर. अंबेडकर (सेमेस्टर III/V); अर्थव्यवस्था, राज्य और समाज (सेमेस्टर III/V); और उत्पादन संबंध और वैश्वीकरण (सेमेस्टर IV/VI) शामिल हैं.
ट्विनिंग डिग्री का टाला, होमवर्क की जरूरत
हालांकि विरोध के बीच विदेशी संस्थानों के साथ ट्विनिंग डिग्री की पेशकश के प्रस्ताव को काउंसिल ने टाल दिया. कुछ सदस्यों ने आपत्ति की और कहा कि इसमें अभी कुछ स्पष्ट नहीं है. इसे स्पष्टता के साथ अगली बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा. एकेडमिक काउंसिल के निर्वाचित सदस्य मिथुराज धुसिया ने कहा, "जब हमने ट्विनिंग डिग्री कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया, तो विश्वविद्यालय को इस एजेंडे को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने स्वीकार किया कि चर्चा के लिए एसी बैठक में रखे जाने से पहले इस मुद्दे पर होमवर्क करने की जरूरत है."
40% ऑनलाइन कोर्स पर नहीं बनी बात
काउंसिल के सदस्यों के एक वर्ग के विरोध के बाद परिषद ने Swayam पोर्टल के माध्यम से 40 प्रतिशत पाठ्यक्रमों को मैसिव ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम (MOOCs) के रूप में पेश करने के प्रस्ताव को भी स्थगित कर दिया. सहायक प्रोफेसर माया जॉन ने कहा, एसी को एजेंडा आइटम 'रणनीतिक योजना 2022-47' पर फिर से बुलाया जाएगा क्योंकि इसके सदस्य डीयू जैसे सार्वजनिक वित्त पोषित विश्वविद्यालय के लिए दीर्घकालिक योजना पर जल्दबाजी में निर्णय नहीं चाहते थे.
एड-हॉक टीचर की नियुक्ति से लीव पर भी हुई चर्चा
एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों ने अन्य प्रस्तावों के अलावा विश्वविद्यालय विभाग के शिक्षकों की पदोन्नति के नियमों में बदलाव, CUET के माध्यम से एडमिशन में खामियों का भी विरोध किया. उन्होंने अन्य मुद्दों के अलावा एड-हॉक टीचर के डिस्पेस्टमेंट, शिक्षकों के वेतन और सेवानिवृत्ति शिक्षकों की पेंशन जारी करने में देरी, एड-हॉक कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने से संबंधित चिंताएं उठाईं.
पदोन्नति नियमों में बदलाव पर असहमति
वाम-संबद्ध डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) के सदस्यों ने बैठक में इसके पारित होने की निंदा करते हुए पदोन्नति नियमों में बदलाव पर एक असहमति नोट सबमिट किया. नए प्रमोशन नियमों पर एसी सदस्यों के विरोध के बीच कुलपति योगेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एकेडमिक काउंसिल की 1016वीं बैठक थोड़ी देर रुकने के बाद शुरू हुई.
aajtak.in