दिल्ली यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में आधी रात को मचा बवाल, पानी, जबरन वसूली के बाद प्रदर्शन 

दिल्ली यूनिवर्सिटी का नाम देश के सबसे शीर्ष शिक्षण संस्थानों में लिया जाता है. ऐसे में संस्थान से उम्मीद की जाती है कि वह छात्रों को सारी सुविधा मुहैया कराए. लेकिन DU के गर्ल्स हॉस्टल में छात्राएं बेसिक सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है. इस मामले में  छात्राओं ने देर रात विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना वजह हॉस्टल से निकाला जा रहा है और बुनियादी सुविधाएं ठीक से नहीं मिल रही हैं. छात्राओं ने आरोप लगाया कि पानी की सप्लाई रोकी जा रही है और आर्थिक जुर्माना लगाकर दबाव बनाया जा रहा है. 

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Delhi University Girls Hostel Protest (Photo: X/ANI) Delhi University Girls Hostel Protest (Photo: X/ANI)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:38 PM IST

देश के नामी संस्थानों में दिल्ली यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है. यहां पर देश के कोने-कोने से हजारों छात्र पढ़ने के लिए आते हैं लेकिन आज ये किसी और वजह से सुर्खियों में बना हुआ है. दरअसल, डीयू के गर्ल्स हॉस्टल में देर रात बवाल मच गया. दिल्ली विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने देर रात विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने हॉस्टल प्रशासन पर जबरन कमरे खाली कराने, पैसे वसूलने और जरूरी सुविधाएं बंद करने का आरोप लगाया. यह प्रदर्शन रात करीब 9:30 बजे शुरू हुआ और आधी रात तक चला. छात्राएं हॉस्टल के बाहर इकट्ठा होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं. यह विरोध ऐसे समय हुआ जब उनकी सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं और कुछ छात्राएं NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं. 

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छात्रों ने आरोप लगाया कि पिछले एक हफ्ते से प्रशासन उन पर लगातार दबाव बना रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कई छात्रों ने जून और जुलाई का हॉस्टल शुल्क पहले ही एडवांस में जमा कर दिया था. 

कैंपस में दबाव 

कैंपस से वीडियो सामने आने के बाद यह विरोध ज्यादा चर्चा में आ गया, जिसमें छात्र हॉस्टल प्रशासन से जवाब मांगते दिखे. छात्रों का कहना है कि प्रशासन ने उन लोगों पर सख्त शर्तें लगा दी हैं जो तय समय के बाद भी हॉस्टल में रहना चाहते हैं. आंदोलन का समर्थन कर रहे अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) ने आरोप लगाया कि छात्रों से रहने के लिए हर दिन 450 रुपये अतिरिक्त देने को कहा जा रहा है. संगठन ने इसे जबरन वसूली जैसा फैसला बताया और कहा कि प्रशासन अपने पहले के वादों से पीछे हट गया है. 

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हटाई गई कुर्सियां

छात्रों ने आगे आरोप लगाया कि एक हॉस्टल के अंदर बुनियादी सुविधाओं में व्यवधान से संबंधित था. प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि दो हॉस्टल ब्लॉकों के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद हैं जिससे कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल के रीडिंग रूम से कुर्सियां हटा दी गईं, जिससे देर रात की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को परेशानी हो रही है. 

क्या है छात्रों की मांग? 

छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए UHW की प्रोवोस्ट के इस्तीफे, 24 घंटे जलापूर्ति बहाल करने और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के छात्राओं के रहने की अवधि बढ़ाने की मांग की है. प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. 

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