डीयू में NEP लागू करने के फैसले पर बवाल, टीचर्स एसोसिएशन ने दी हड़ताल की धमकी

42 सदस्यीय समिति ने विश्वविद्यालय के तीन साल के स्नातक कार्यक्रम को जारी रखने की सिफारिश की थी, लेकिन चार साल के डिग्री कार्यक्रम को "इसकी संरचना में आत्मसात" करने और एक साल और दो साल के स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को लागू करने की भी सिफारिश की थी.

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty) प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

aajtak.in

  • नई द‍िल्ली ,
  • 24 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अगले शैक्षणिक वर्ष से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने का फैसला किया है. यूनिवर्सिटी के इस फैसले पर दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) ने मंगलवार को हड़ताल का आह्वान किया है. एकेडमिक मामलों की स्थायी समिति ने सोमवार को अपनी बैठक में 2022-23 से एनईपी के कार्यान्वयन, चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम और छात्रों के लिए कई प्रविष्टियों और निकास विकल्पों को मंजूरी दी. हालांकि, समिति ने बड़े पैमाने पर खुले ऑनलाइन पाठ्यक्रम (एमओओसी) के कार्यान्वयन पर चर्चा टाल दी. 

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स्थायी समिति की सिफारिशों पर मंगलवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में चर्चा होगी. विश्वविद्यालय ने एनईपी के कार्यान्वयन को देखने के लिए 42 सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया था. 42 सदस्यीय समिति ने विश्वविद्यालय के तीन साल के स्नातक कार्यक्रम को जारी रखने की सिफारिश की थी, लेकिन चार साल के डिग्री कार्यक्रम को "इसकी संरचना में आत्मसात" करने और एक साल और दो साल के स्नातकोत्तर कार्यक्रमों को लागू करने की भी सिफारिश की थी. बैठक में इसे मंजूरी दी गई. 

स्थायी समिति ने भी तीन वर्षीय ऑनर्स डिग्री पाठ्यक्रमों को चार वर्षीय ऑनर्स डिग्री और चार वर्षीय ऑनर्स डिग्री को शोध पाठ्यक्रमों के साथ आत्मसात करके बनाए रखना स्वीकार किया. समिति ने यह भी कहा कि "विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली डिग्री की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए", इसलिए "विभिन्न पाठ्यक्रमों को जोड़ने के साथ-साथ मौजूदा संरचना और कार्यभार जारी रहना चाहिए". 

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वहीं कर्नाटक सोमवार को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 को लागू करनेवाला देश का पहला राज्य बन गया. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि सरकार इस नई शिक्षा नीति को लागू करने में मदद करने के लिए डिजिटलीकरण और अनुसंधान एवं विकास की दो नीतियों को शुरू करेगी. मुख्यमंत्री ने कर्नाटक में एनईपी की शुरुआत करते हुए कहा कि कर्नाटक एनईपी, 2020 लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अगर हम इसे सफल बनाना चाहते हैं तो हमें इसे राज्य के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचाना होगा.

 

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