APPSC Paper Leak: सीबीआई के पास पहुंचा मामला, आयोग के अधिकारियों समेत 6 से ज्यादा अरेस्ट

APPSC Paper Leak: इस मामले में अभी तक 6 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसमें जेजू इंस्टीट्यूट, ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) से एक शिक्षक अखिलेश यादव और आयोग के चार अज्ञात अधिकारी शामिल हैं. जांच में पता चला है कि कथित पेपर लीक मामले में 43 लाख की डील हुई थी.

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aajtak.in

  • ईटानगर,
  • 27 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 10:03 PM IST

APPSC Paper Leak Case: अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में नया मोड़ आया है. प्रदेश सरकार के अनुरोध के बाद मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है. सीबीआई ने जानकारी दी कि एंजेंसी ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के अनुरोध पर एपीपीएससी पेपर लीक मामले में एक व्यक्ति और आयोग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ एपीपीएससी सहायक अभियंता (सिविल) के पद के लिए आयोजित परीक्षा प्रश्न पत्र के कथित लीक से संबंधित मामले में केस दर्ज किया है.

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अगस्त में हुई थी परीक्षा
एपीपीएससी द्वारा असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) भर्ती परीक्षा 26 और 27 अगस्त 2022 को आयोजित की गई थी. जिसपर एक उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि एक प्राइवेट इंस्टीट्यूट के टीचर के पास लिखित परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र थे. पुलिस स्टेशन मामला संख्या 229 दिनांक 10 सितंबर 2022 को ईटानगर में एक कोचिंग संस्थान के एक निजी व्यक्ति और आयोग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र के लीक के आरोपों से संबंधित शिकायत दर्ज की गई.

अब तक 6 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अभी तक 6 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमें जेजू इंस्टीट्यूट, ईटानगर, पापुम पारे सिटी, अरुणाचल प्रदेश से एक शिक्षक अखिलेश यादव और आयोग के चार अज्ञात अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा एक उम्मीदवार थॉमस गादुक, उसके पिता तांन्यांग गादुक, सियांग जिले में स्कूली शिक्षा के उप निदेशक के कार्यालय में मुख्य सहायक और बीच की कड़ी तमा सरोह को भी गिरफ्तार किया गया है.

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43 लाख रुपये में हुई थी डील
एपीपीएससी असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती के लिखित परीक्षा का कथित पेपर लीक की शिकायत 29 अगस्त को दर्ज हुई थी. शुरुआत जांच रिपोर्ट 10 सितंबर को एसपी कार्यलाय में रिपोर्ट सौंपी गई. जांच के दौरान पता चला कि मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र खरीद के लिए 43 लाख रुपये की डील हुई थी. हालांकि आयोग के अज्ञात अधिकारियों को बिचौलिए ने 15 लाख रुपये दिए थे और उम्मीदवार के पिता से मिली बाकी रकम का हिस्सा अपने पास रख लिया था. रिपोर्ट में यह भी पता चला कि डील के इस पैसे का इस्तेमाल प्रॉपर्टी खरीदने में किया गया था.

(राजेश साहा के इनपुट के साथ)

 

 

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