AI से जॉब्स खत्म नहीं हो रहे.. बस उनका स्वरूप बदल रहा है, समझिए

बदलते दौर में AI को लेकर बहुत तरह की दुविधा रहती है. कुछ लोग इसे अवसर की तरह देख रहे हैं तो, कई लोग इसे नौकरी खाने वाला बताते हैं. यह बहस लगातार छिड़ी हुई है.

Advertisement
बदलते दौर में AI को लेकर की तरह की दुविधा रहती है. (Photo : Pexels) बदलते दौर में AI को लेकर की तरह की दुविधा रहती है. (Photo : Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:51 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अक्सर दो तरह की बातें होती हैं. कुछ लोग इसे बेहद काम की चीज मानते हैं, जो इंसानों को बोरिंग काम से आजादी देगा. तो वहीं, कई लोग इसे खतरे के रूप में देखते हैं, जो लाखों नौकरियां खत्म कर देगा. हालांकि, सच्चाई इन दोनों के बीच है. AI के दौर में काम खत्म नहीं हो रहा, बल्कि उसका स्वरूप बदल रहा है. AI ऐसे नए काम बना रहा है जो पारंपरिक नौकरी की परिभाषा में फिट नहीं बैठते.  इससे करियर बनाने का तरीका और जरूरी स्किल सब कुछ बदल रहा है. 

Advertisement

मार्केटिंग और एचआर एक्सपर्ट सोनिका अरों (Founder & Managing Partner, Marching Sheep) कहती हैं कि AI एक शक्तिशाली उत्पादकता बढ़ाने वाला टूल है. डेटा विश्लेषण, कंटेंट ड्राफ्टिंग, कस्टमर सपोर्ट या शेड्यूलिंग जैसे काम जो पहले घंटों लेते थे, अब मिनटों में हो जाते हैं. इससे फैसले तेज होते हैं, लागत घटती है जिससे लोग ज्यादा जरूरी कामों पर फोकस कर सकते हैं. 

वरदान या खतरा?

लेकिन इस फील्ड में आ रही तेजी कई तरह की चिंता को भी जन्म दे रही है. अगर AI मिनटों में वह काम कर सकता है जो इंसान घंटों में करता था, तो क्या कुछ नौकरियां खत्म हो जाएंगी? वैसे यह डर पूरी तरह गलत नहीं है. जो काम बार-बार एक जैसे होते हैं, नियमों पर चलते हैं और पहले से अनुमानित होते हैं, वे मशीनों से जल्दी किए जा सकते हैं. लेकिन इतिहास बताता है कि नई टेक्नोलॉजी काम को पूरी तरह खत्म नहीं करती, बल्कि उसका तरीका बदल देती है. एक ओर जहां AI काम को आसान और तेज बनाता है, मार्केटर तेजी से कैंपेन आइडिया बना सकता है, रिक्रूटर रिज्यूमे जल्दी छांट सकता है, फाइनेंस प्रोफेशनल बड़े डेटा का बेहतर विश्लेषण कर सकता है. तो वहीं, दूसरी ओर यही क्षमता यह सवाल खड़ा करती है कि अगर एक व्यक्ति तीन का काम कर सकता है तो कंपनियों को तीन लोगों की जरूरत क्यों होगी? यहीं से AI VS नौकरियों को लेकर नई बहस छिड़ जाती है. लेकिन सच यह है कि AI इंसानों को नहीं, बल्कि उनकी रोल को बदल रहा है. 

Advertisement

पारंपरिक नौकरी से अलग नए रोल

AI की वजह से कई नई तरह की भूमिकाएं भी सामने आ रही हैं- 

  • प्रॉम्प्ट इंजीनियर – जो AI से सही और क्रिएटिव आउटपुट निकलवाने में माहिर होते हैं. 
  • AI ट्रेनर और एनोटेटर – जो मॉडल की गलतियां सुधारते हैं और उसे बेहतर बनाते हैं. 
  • ह्यूमन-इन-द-लूप – जो संवेदनशील फैसलों में AI की निगरानी करते हैं. 
  • AI प्रोडक्ट मैनेजर – जो टेक्नोलॉजी, नैतिकता, उपयोगकर्ता और बिजनेस को जोड़ते हैं. 
  • कंटेंट क्यूरेटर और एडिटर – जो AI के बनाए कंटेंट को भरोसेमंद बताते हैं. इनमें से कई भूमिकाएं फ्रीलांस या प्रोजेक्ट के बेसिस पर होती हैं. 

करियर का नया मंत्र: AI के साथ काम करना 

आज करियर में सफलता उन्हीं लोगों को मिल रही है जो AI का इस्तेमाल करना जानते हैं. वकील जो रिसर्च में AI का यूज करते हैं, HR प्रोफेशनल जो एनालिटिक्स का उपयोग करते हैं या डिजाइनर जो प्रोटोटाइपिंग में AI अपनाता हैं. अब सवाल यह नहीं कि क्या AI मेरी नौकरी ले लेगा? बल्कि यह है कि मैं AI का उपयोग करके अपनी नौकरी बेहतर कैसे कर सकता हूं या नई नौकरी कैसे बना सकता हूं? जो लोग खुद को बदलना सीखेंगे, उनके लिए AI अवसर कम नहीं बल्कि उनके लिए मौके और ज्यादा बढ़ जाएंगे. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement