खाली कमरे में कदम रखते ही एक अजीब सा एहसास होता है. मानों दीवारें आपकी आवाज को चुपके से पकड़ कर वापस फेंक रही हों. आप कुछ भी बोलते हैं वो बार-बार लौटकर कानों तक पहुंचती हैं. बचपन में सभी लोग इसे जादू समझता होगा लेकिन यह कोई जादू नहीं, बल्कि फिजिक्स का नियम है जिसे Reflection of Sound कहते हैं यानी इको. ये फिजिक्स का बहुत सिंपल सा रूल है. तो चलिए जानते हैं कि आखिर ये कैसे काम करता है?
क्या है Reflection of Sound ?
फिजिक्स में एक नियम है जिसे Reflection के नाम से जानते हैं. जब आवाज किसी भी सतह से टकराती है और वापस लौट आती है, इसे ही इको कहते हैं. मान लेते हैं कि जब आप आवाज निकालते हैं, तो वह हवा में तरंगों के रूप में फैलती है. अगर यह तरंग किसी कड़ी सतह (जैसे दीवार, छत या फर्श) से टकराती हैं, तो वह वापस मुड़कर आती है.
भरे कमरे में Absorb होती है आवाज
वहीं, अगर आप भरे कमरे यानी जिनमें सोफे के कुशन, पर्दे, कपड़े होते हैं, वहां यह आवाज वापस नहीं आती है बल्कि Absorb हो जाती है. ये चीजें आवाज की लहरों को अपनं में सोख लेती हैं.
कमरे के अलावा इन जगहों पर सुन सकते हैं इको
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