इजरायल को यहूदियों का घर माना जाता है. यहां बाहर से सबकुछ एक सूत्र में बांधा दिखाई देता है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इजरायल में यहूदी पहचान जटिल है, जिसमें धर्म, जातीयता, राष्ट्रीयता और परिवार जैसी अवधारणाएं शामिल हैं. ऐसे में समझते हैं कि इजरायली समाज और यहूदी समुदाय की सामाजिक, सांस्कृति और धार्मिक संरचना क्या है.
इजरायली समाज अलग-अलग तरह की कई संस्कृतियों वाला और परिवार पर केंद्रित समाज है. यहां 100 से ज्यादा देशों से आए लोगों, जिनमें यहूदी व अरब आबादी शामिल है, उनका मिला-जुला समाज है. खासकर यहूदी समुदाय में ही काफी विविधता है.
आधुनिक इजरायल की स्थापना के लगभग 77 साल बाद भी यहां की यहूदी आबादी इस विचार के इर्द-गिर्द एकजुट है कि इजराइल यहूदी लोगों के लिए एक मातृभूमि है. फिर भी एकता की इस भावना के साथ-साथ इजरायली समाज में गहरे विभाजन भी हैं. इजरायल के यहूदी समाज पर प्यू रिसर्च सेंटर के एक सर्वेक्षण में ऐसी कई बातें सामने आई हैं, जो इजरायली यहूदी समुदाय के धार्मिक उपसमूहों के बीच के सांस्कृति और पारंपरिक अंतर को दर्शाता है.
इजरायली यहूदी खुद को चार श्रेणियों में बंटे हैं. हरेदी (जिसे आमतौर पर अति-रूढ़िवादी माना जाता है), दाती (धार्मिक), मासोर्टी (परंपरागत) और हिलोनी (धर्मनिरपेक्ष). ये सभी एक ही छोटे से देश में रहते हैं और कई परंपराओं को साझा करते हैं. फिर भी अत्यधिक धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष यहूदी काफी हद तक अलग-अलग सामाजिक दुनिया में रहते हैं, जिनके करीबी दोस्त अपेक्षाकृत कम होते हैं.
हरेदी समुदाय में अपने समूह से बाहर अंतरजातीय विवाह बहुत कम होते हैं. वास्तव में, सर्वेक्षण से पता चलता है कि इजरायल में धर्मनिरपेक्ष यहूदी इस विचार से कहीं अधिक असहज हैं कि उनका कोई बच्चा भविष्य में किसी अति-रूढ़िवादी यहूदी से शादी कर सकता है, बजाय इसके कि उनका बच्चा किसी ईसाई से शादी करे.
इजरायली समाज का ये विभाजन विवाह, तलाक, धर्म परिवर्तन, सैन्य भर्ती, लिंग आधारित भेदभाव और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सहित कई सार्वजनिक नीतिगत मुद्दों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं. अधिकांशतः हरेदी और दाती यहूदी (दोनों को आम तौर पर रूढ़िवादी माना जाता है) यह विचार व्यक्त करते हैं कि इजरायल सरकार को धार्मिक मान्यताओं और मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए, जबकि धर्मनिरपेक्ष यहूदी सरकार की नीतियों से धर्म को अलग रखने के प्रबल समर्थक हैं.
अलग-अलग होकर भी सभी का एक धर्म है - यहूदी
जब इजरायल में लोगों से पूछा जाता है कि यदि आप कोई धर्म मानते हैं, तो वो क्या है ? इस सवाल पर लगभग सभी इजरायली यहूदी कहते हैं कि वे यहूदी हैं और लगभग कोई भी यह नहीं कहता कि उनका कोई धर्म नहीं है. भले ही वहां की लगभग आधी आबादी खुद को धर्मनिरपेक्ष बताती है और पांच में से एक ईश्वर में विश्वास नहीं करता है.
इजरायल में राष्ट्रीय गौरव से जुड़ी है यहूदी पहचान
कुछ लोगों के लिए, यहूदी पहचान इजरायली राष्ट्रीय गौरव से भी जुड़ी हुई है. इजरायल में अधिकांश धर्मनिरपेक्ष यहूदी कहते हैं कि वे खुद को पहले इजरायली और फिर यहूदी मानते हैं, जबकि अधिकांश रूढ़िवादी यहूदी (हारेदिम और दातिम) कहते हैं कि वे खुद को पहले यहूदी और फिर इजरायली मानते हैं.
इजरायल में 9% हैं हारेदी
यहूदियों में हारेदी समुदाय अक्सर अति रूढ़िवादी के तौर पर देखे जाते हैं. हिब्रू शब्द हारेदी का मतलब होता है - कांपना या ईश्वर से डरना. सर्वेक्षण से पता चलता है कि जो यहूदी खुद को हारेदी बताते हैं, वे आम तौर पर यहूदी धार्मिक कानून (हलाखा) का पालन करते हैं. हारेदी देश के लिए ऐसी प्राथमिकता पर जोर देते हैं, जिसमें लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर धार्मिक कानून को प्राथमिकता दी जाए. इजरायल में हारेदी आबादी का 9 प्रतिशत हैं.
देश में दाती की आबादी है 13%
इजरायल में दाती वहां की कुल आबादी का लगभग 13 प्रतिशत है. दाती का शाब्दिक अर्थ धार्मिक होता है और कभी-कभी इसे 'आधुनिक ऑर्थोडॉक्स' के तौर पर देखा जाता है. सर्वेक्षण से पता चलता है कि अधिकांश दाती पारंपरिक रूप से धार्मिक नियमों का पालन करते हैं. उदाहरण के लिए, कोषेर का पालन करना और सब्त का दिन मनाना.फिर भी वे हरेदी लोगों की तुलना में इजरायली समाज में अधिक एकता दिखाते हैं. यही वजह है कि दाती पुरुषों के इजरायली सेना में सेवा करने की संभावना हरेदी पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा है.
मासोर्ती यहूदियों की आबादी इजरायल में 29% है
मासोर्ती का मतलब ही होता है -परंपरागत. मासोर्ती रूढ़िवादिता और धर्मनिरपेक्षता के बीच एक मध्य मार्ग अपनाते हैं.वे धार्मिक परंपराओं और विश्वासों का भी पालन करते हैं और आधुनिक समाज के साथ भी मेल रखते हैं. मासोर्ती यहूदियों के इन चार उप समुदाय में सबसे ज्यादा विविधता वाले हैं.
हिलोनी यहूदी इजरायल में सबसे ज्यादा 49% हैं
हिलोनी समुदाय वैसे तो धर्मनिरपेक्ष माने जाते हैं, लेकिन कई हिलोनी कुछ धार्मिक परंपराओं का पालन भी करते हैं, जैसे कि कोषेर नियमों का पालन और योम किप्पुर पर उपवास रखना. फिर भी वे आम तौर पर विवाह और तलाक पर ऑर्थोडॉक्स रब्बीनेट के नियंत्रण का विरोध करते हैं और उनका कहना है कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों को धार्मिक कानून से ऊपर रखा जाना चाहिए.
हालांकि, अधिकांश इजरायली यहूदी हैं, लेकिन अब वहां की आबादी का एक बढ़ता हुआ हिस्सा दूसरे समुदाय या धार्मिक विश्वासों से भी संबंध रखता है. इजराइल के अधिकांश गैर-यहूदी निवासी सांस्कृतिक रूप से अरब हैं और धार्मिक रूप से मुस्लिम और ईसाई हैं. इसी तरह इजरायल के यहूदी आबादी भी सांस्कृति तौर पर काफी यहूदी अरबी है, लेकिन धार्मिक रूप से यहूदी हैं.
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