कोविड-19 महामारी के बाद से नर्सिंग का फील्ड तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में सरकारी हॉस्पिटल में नर्स की नौकरी को बेहद सुरक्षित और सम्मानजनक करियर के रूप में देखा जाता है. ये फील्ड आपको न केवल अच्छी सैलरी देता है बल्कि एक सुरक्षित नौकरी की गांरटी भी देता है. ऐसे में कई उम्मीदवार 12वीं के बाद इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं और सरकारी हॉस्पिटल में नर्स बन काम करना चाहते हैं.
ऐसे में अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन- सी पढ़ाई कर सरकारी हॉस्पिटल में नर्स बन सकते हैं या इसके लिए कौन-सी योग्यता चाहिए, तो इससे जुड़ी सारी डिटेल जान लेते हैं.
नर्स बनने के करने होते हैं ये कोर्स
सरकारी अस्पताल में नर्स की नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों को तीन तरह के कोर्स करने होते हैं-
BSc Nursing, ये कोर्स 4 साल का ग्रेजुएट कोर्स है. इस कोर्स में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषय होना जरूरी है.
जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) कोर्स लगभग तीन से साढ़े तीन साल का होता है. इसमें 12वीं पास कर चुके छात्र एडमिशन ले सकते हैं.
सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM) कोर्स दो साल का होता है. इसपर आवेदन के लिए उम्मीदवार की अधिकतम एज 35 साल होनी चाहिए.
12वीं पास होना है जरूरी
नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेन के लिए उम्मीदवार को 12वीं पास होना जरूरी है. BSc Nursing के लिए साइंस यानी (PCB) अनिवार्य है और साथ ही 45 से 50 प्रतिशत नंबर अनिवार्य है.
नर्सिंग काउंसिल में करना होता है रजिस्ट्रेशन
नर्सिंग कोर्स पूरा होने के बाद नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. यह रजिस्ट्रेशन इस बात के बेसिस पर होता है कि उम्मीदवार ने मान्यता प्राप्त संस्थान से ट्रेनिंग की है और वह नर्स के रूप में काम करने के योग्य है. सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग से जुड़े कई पद होते हैं जिसपर उम्मीदवार आवेद करते हैं. इनमें स्टाफ नर्स, नर्सिंग ऑफिसर, वार्ड सिस्टर और सामुदायिक स्वास्थ्य नर्स शामिल है.
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