काम तो अच्छा किया पर 'शो-ऑफ' से चूक गए? कंपनी ने चार लोगों को न‍िकाला, साझा क‍िया दर्द

भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को  अच्छे स्किल्स होने के बावजूद कई मुश्किलों के साथ नौकरी की अस्थिरता झेलनी पड़ रही है. पुणे की एक कंपनी में हाल ही में चार अच्छे और अनुभवी इंजीनियरों को भी बिना साफ वजह के नौकरी से निकाल दिया, जिससे लोगों में डर और असमंजस बढ़ गया है

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Tech layoff in 2026 (Photo: ITG) Tech layoff in 2026 (Photo: ITG)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

आजकल जॉब मार्केट में छंटनी का डर साये की तरह पीछा कर रहा है. खासकर टेक सेक्टर में हालात ऐसे हो गए हैं कि अच्छे परफॉर्मेंस के बावजूद भी नौकरी सेफ नहीं है. इसका एक उदाहरण इन दिनों सोशल मीड‍िया में छाई कुछ कर्मचार‍ियों की आपबीती में भी साफ नजर आ रहा है जहां काम अच्छा होने के बावजूद उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ गया. 

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बता दें कि पुणे की एक कंपनी ने अपने चार अच्छे और अनुभवी इंजीनियरों को भी बिना साफ वजह के निकाल दिया. एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ने रेडिट में ये घटना साझा की है. उसने बताया कि अच्छे काम और मजबूत योगदान के बावजूद भी काबिल कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है. 

छंटनी से लग रहा झटका

उस व्यक्ति ने बताया कि पुणे की एक अच्छी और हाई सैलरी देने वाली कंपनी ने अचानक चार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. ये सभी लोग काम में अच्छे थे और काफी भरोसेमंद भी थे. उनके साथ हुई छंटनी ने सभी को चौंका दिया. इनमें से एक कर्मचारी खास तौर पर काफी टैलेंटेड था. उसके पास चार साल का अनुभव था, उसका एकेडमिक बैकग्राउंड भी शानदार था और वह नए कर्मचारियों को ट्रेंड भी करता था. अपनी स्किल्स की वजह से उसे टीम में काफी सम्मान मिलता था, लेकिन कंपनी ने उसे भी नौकरी से निकाल दिया. 

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बिना वजह बताए छंटनी क्यों? 

मैनेजमेंट ने इन कर्मचारियों को कंपनी से निकालने की वजह ये बताई कि उनमें इन‍िश‍िएट करने यानी अपनी तरफ से पहल करने की कमी थी. वे लीडरश‍िप के लेवल पर भी ज्यादा विज‍िबल नहीं थे. लेकिन उन्हें किसी भी तरह की बड़ी गलती, लिखित चेतावनी या परफॉर्मेंस सुधार (PIP) की कोई जानकारी नहीं दी गई. इसी वजह से कर्मचारियों को समझ तक नहीं आ रहा कि उन्हें आखिर क्यों नौकरी से निकाला गया. 

छंटनी के बाद भी कर रहे भर्ती 

सोचने वाली बात यह है कि कंपनी ने किसी तरह की मंदी के कारण उन्हें नहीं न‍िकाला. इसकी वजह, इस छंटनी के बाद भी कंपनी तेजी से हायरिंग कर रही है. फिर आख‍िर अनुभवी प्रोफेशनल्स को बाहर का रास्ता क्यों दिखाया जा रहा है. इस स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सच में सिर्फ परफॉर्मेंस के आधार पर फैसला लिया गया या इसके पीछे कोई और वजह भी हो सकती है. 

कर्मचारियों के बीच बढ़ती चिंता 

इस पोस्ट में उन कर्मचारियों की चिंता साफ दिखती है जो सिर्फ अपना काम अच्छे से करना पसंद करते हैं, लेकिन अपने काम का ज्यादा शो ऑफ या प्रचार नहीं कर पाते. एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि अब सिर्फ अच्छा काम करना काफी नहीं रह गया है. अगर कोई कर्मचारी अपनी उपलब्धियों को सामने नहीं लाता या अपने काम का असर ऑफ‍िस में नहीं दिखाता, तो वह भी नौकरी के रिस्क में आ सकता है. अब शायद अच्छे परफॉर्मेंस की परिभाषा बदल रही है. अब सेफ जॉब जैसा कोई भरोसा नहीं है. जो लोग वर्कप्लेस पर खुलकर बात नहीं कर रहे हैं, खतरा उन पर भी है. 

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