हर साल लाखों छात्र खूब मेहनत करते हैं ताकि उनका नाम IIT के बेस्ट कॉलेज में आ सके. लेकिन कभी कोई आगे निकल जाता है तो, पीछे छूट जाता है. इस साल IIT रुड़की ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन आयोजित करने की जिम्मेदारी उठाई है. यह अहम परीक्षा का आयोजन 17 मई 2026 को किया जाएगा. लेकिन सिर्फ परीक्षा पास करना ही काफी नहीं है बल्कि इसकी फीस भी परिवारों को तोड़ देती है. आर्थिक हालात खराब होने के कारण कई होनहार बच्चे पीछे रह जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है. IIT रुड़की ने इसके लिए खास कदम उठाएं हैं. बता दें कि मेरिट में आने वाले छात्रों को IIT शानदार स्कॉलरशिप देने वाली है. लेकिन इसके पीछे कई शर्तें हैं आइए जानते हैं, इनके बारे में.
अगर कोई उम्मीदवार जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक 250 या उससे बेहतर रैंक हासिल करते हैं तो, वह इस खास स्कीम के पात्र हो जाते हैं. आवेदन करने के बाद सीनेट कमेटी फॉर स्कॉलरशिप्स एंड प्राइजेज हर उम्मीदवारों की डॉक्यूमेंट को सही तरीके से चेक करते हैं.
साइंस वालों को मिलेगी SHE योजना का फायदा
अगर आपका मन केवल साइंस में नहीं लगता है और आप बुनियादी और प्रकृतिक साइंस बेसिक एंड नेचुरल साइंस में रिसर्च करना चाहते हैं, तो आपको इसका फायदा मिलेगा. भारत सरकार के साइंस और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से स्कॉलरशिप फॉर हायर एजुकेशन चलाई जा रही है. जो भी छात्र राज्य या केंद्रीय शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा में टॉप रैंक हासिल करते हैं, वे इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र होते हैं. इसमें चयनित होनहार छात्रों को हर महीने 5000 रुपये दिए जाते हैं. इसके साथ ही गर्मियों की छुट्टियों में किसी मान्यता प्राप्त रिसर्च सेंटर में प्रोजेक्ट करने के लिए 20 हजार रुपये की मेंटरशिप भी अलग से दी जाती है.
छात्रों को मिलेगा सहारा
हमारे देश में कई ऐसे छात्र शामिल हैं, जो काबिल तो हैं लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पीछे रह जाते हैं. ऐसे में 30 अंडरग्रजुएट छात्रों की मदद के लिए श्रमण फाउंडेशन स्कॉलरशिप शुरू की गई है.
वंचितों को मिलेगी उम्मीद
एक और बेहद मददगार योजना है जो बीटेक के पहले साल में पढ़ रहे जनरल और ओबीसी कैटेगरी के दो वंचित वर्ग के छात्रों पर फोकस कर बनाया गया है. इस योजना के तहत चुने गए छात्रों को 1000 अमेरिकी डॉलर यानी 94,200 रुपये की मदद दी जाती है. खास बात ये है कि जो छात्र लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं यानी हर साल अच्छा मार्क्स लाते हैं, उन्हें पूरे चार साल के कोर्स के दौरान यह रकम दी जाती है.
मेरिट कम मीन्स
वहीं, अगर किसी छात्र के माता- पिता की कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से कम है, तो वह मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप का फायदा ले सकते हैं. इसके तहत ट्यूशन फीस का बचा हुआ हिस्सा तो वापस मिलता ही है, साथ ही शैक्षणिक साल में 10 महीने तक कम से कम 1000 रुपये मिलते हैं.
आजतक एजुकेशन डेस्क