हम अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा ऑफिस की फाइलों, मीटिंग्स और कैलेंडर की तारीखों को सही करने में बिता देते हैं. हमें लगता है कि दुनिया इन्हीं डेडलाइन के इर्द-गिर्द घूम रही है. लेकिन, जीवन में कभी-कभी ऐसा मोड़ आता है जब घड़ी की सुइयां और बॉस के मैसेज बहुत छोटे लगने लगते हैं. सोचिए, आप ऑफिस के किसी बेहद जरूरी प्रोजेक्ट में फंसे हैं और तभी घर से किसी अपने की तबीयत बिगड़ने की खबर आ जाए. उस पल वह ईमेल या वह प्रेजेंटेशन अपनी अहमियत खो देता है. हाल ही में इंटरनेट पर वायरल हुई एक कर्मचारी और उसके मैनेजर की बातचीत ने लोगों को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है.
सोशल मीडिया से हुआ वायरल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साइमन ने एक बातचीत का पोस्ट शेयर किया जिसने वर्क कल्चर को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है. बात एक मैनेजर और कर्मचारी के बीच हो रही थी. मैनेजर ने साफ कहा कि रिपोर्ट आज रात ही पूरी करनी है ये बहुत जरूरी है जिसके लिए उसे देर रात तक काम करना पड़ सकता है.
कर्मचारी ने दी प्रतिक्रिया
इसके बाद कर्मचारी ने मैनेजर को जवाब दिया कि उसके पिता अस्पताल में भर्ती हैं और उसने उनसे वादा किया है कि वह शाम 7 बजे तक अपने पिता के पास पहुंच जाएगा. इस स्थिति को समझने के बाद भी मैनेजर ने कर्मचारी से काम पूरा करने की मांग की. मैनेजर ने कहा कि काम बहुत जरूरी है और टीम उस काम के लिए कर्मचारी पर निर्भर है.
टीम जरूरी है और परिवार भी
इसके बाद कर्मचारी ने जो जवाब दिया मैनेजर उसे सुनकर हैरान हुआ. कर्मचारी ने कहा कि टीम तो जरूरी है लेकिन उसका परिवार भी उतना ही जरूरी है. लेकिन इसके बावजूद उसके मैनेजर ने उसे यह बात समझाने पर फोकस किया कि पर्सनल परिस्थितियां जीवन का हिस्सा है लेकिन काम के दायित्वों को निभाना भी अनिवार्य है.
आजतक एजुकेशन डेस्क