UPSC परीक्षा पास कर IAS बनना लाखों अभ्यर्थियों का सपना होता है. ये देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में गिनी जाती है. अक्सर लोग DM को सबसे ताकतवर अधिकारी मानते हैं. कानून व्यवस्था से लेकर विकास योजनाओं तक, कई बड़े फैसले DM लेते हैं. लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि DM बनना ही आखिरी कदम नहीं है. इस पद शुमार लोग प्रमोशन लेकर मुख्य सचिव के पद पर भी काम कर सकते हैं. मुख्य सचिव किसी भी राज्य के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी होते हैं.
मुख्य सचिव पूरे राज्य सरकार के कामकाज को देखते हैं और कई अहम फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं.
पहले बनते हैं DM
मुख्य सचिव बनने का सफर DM बनने के साथ ही शुरू होता है. लेकिन DM बनने के लिए भी कड़ी मेहनत करनी होती है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है और बाद में उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है. अलग-अलग पदों पर लंबे समय तक काम करने के बाद उन्हें जिला मजिस्ट्रेस बनने का मौका मिलता है.
DM बनने के बाद मिलता है प्रमोशन
DM बनने के बाद अधिकारी को प्रमोशन मिलता है. जैसे-जैसे प्रमोशन बढ़ता है वैसे-वैसे उनकी जिम्मेदारी और एक्सपीरिएंस बढ़ता जाता है. उन्हें अपना पहला प्रमोशन 13 से 16 साल की सेवा के बीच मिलता है. इस टाइम पर अधिकारी विशेष सचिव, निदेशक या इससे जुड़े अहम पदों पर नियुक्ति की जाती है. इसके बाद 16 से 20 सालों या उससे ज्यादा अनुभव होने पर अधिकारी को संभागीय आयुक्त या केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव जैसे पद मिल सकते हैं.
कब मिलता है तीसरा और चौथा प्रमोशन
वहीं, अगर उनके आगे की प्रमोशन की बात करें, तो 25 से 30 साल सेवा देने के बाद उन्हें प्रमुख सचिव बनाया जा सकता है. इसके बाद 30 से 33 साल के अनुभव वाले अधिकारी को अतिरिक्त मुख्य सचिव या मुख्य सचिव बनाया जाता है.
सैलरी में भी होता है बदलाव
अनुभव और जिम्मेदारी बढ़ने के साथ-साथ सैलरी में भी बढ़ोतरी होती है. जब कोई अधिकारी DM के पद पर काम करता है तो, उसे करीब 78 हजार से लेकर 1, 18,500 रुपये तक मिल सकते हैं. इसके साथ ही सरकारी नियमों के मुताबिक कई भत्ते और लाभ मिलते हैं. लेकिन अगर वहीं उम्मीदवार मुख्य सचिव के पद पर काम करते हैं, तो इनकी बेसिक सैलरी करीब 2,25,000 रुपये प्रति माह हो जाती है.
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