अब इस कंपनी में छंटनी के बादल, 14 प्रतिशत कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, CEO ने कहा AI है फ्यूचर 

छंटनी की लिस्ट में कॉइनबेस का नाम भी जुड़ गया है. अपने लागत को कम करने के लिए कॉइनबेस पुनर्गठन कर रही है जिसके तहत कुल 14 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करने के लिए तैयार है. कंपनी के सीईओ ब्रायन आर्मस्ट्रांग का कहना है कि कंपनी एक ऐसे मॉडल की ओर बढ़ रही है जिसमें एआई को प्राथमिकता दी जाएगी और टीमें अधिक स्किल और तेज स्पीड से काम करेगी. 

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कॉइनबेस अपने 14 प्रतिशत कर्मचारियों की करने वाला है छंटनी. (Photo:Reuters) कॉइनबेस अपने 14 प्रतिशत कर्मचारियों की करने वाला है छंटनी. (Photo:Reuters)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:40 AM IST

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कॉइनबेस के सीईओ ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल शेयर किए हैं. इस मेल में इस फैसले के पीछे का तर्क दिया गया है. उन्होंने ईमेल में कहा कि आज मैंने कॉइनबेस के पुनर्गठन के लिए 14% वर्क फोर्स को कम करने का फैसला किया है. मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि हम ऐसा क्यों कर रहे हैं, इससे प्रभावित होने वाले लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और यह हमें भविष्य के लिए कैसे तैयार करता है. आर्मस्ट्रांग ने इस कदम के पीछे दो कारण बताएं हैं. बाजार में लगातार अस्थिरता और एआई का तेजी से विकास उनके अनुसार, ये दोनों ही कंपनी के काम के तरीके को न केवल प्रभावित कर रहे हैं बल्कि बदल भी रहे हैं. 

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आर्मस्ट्रांग ने कहा कि भले ही कॉइनबेस के पास अच्छी-खासी पूंजी है और वह अपनी कमाई के अलग-अलग तरीके बना रहा है, लेकिन क्रिप्टो बाजार बहुत तेजी से ऊपर-नीचे होता रहता है. उन्होंने बताया कि कंपनी पहले भी ऐसे उतार-चढ़ाव से गुजर चुकी हैं और हर बार और मजबूत बनकर निकली है. अभी बाजार थोड़ा कमजोर है इसलिए कंपनी अपने खर्चों में बदलाव कर रही है ताकि काम ज्यादा बेहतर और तेजी से हो सके. उनका कहना है कि जब बाजार फिर से सुधरेगा, तो वे इस दौर से और मजबूत होकर बाहर निकलना चाहते हैं. 

बताया छंटनी की बड़ी वजह? 

पोस्ट में उन्होंने छंटनी के बारे में जिक्र करते हुए ये भी बताया कि आखिर इसके पीछे क्या वजह है. आर्मस्ट्रांग ने बताया कि छंटनी की एक बड़ी वजह एआई का बढ़ता इस्तेमाल है. पिछले एक साल में कर्मचारियों ने एआई टूल्स की मदद से पहले से ज्यादा और तेजी से काम करना शुरू कर दिया है. जो काम पहले हफ्तों में खत्म होता था, अब कुछ ही दिनों में और कम लोगों से हो जा रहा है. इससे कंपनियों के काम करने का तरीका ही बदल रहा है.

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इसी वजह से कॉइनबेस अब एआई-नेटिव मॉडल अपना रहा है. मतलब कंपनी अपनी टीमों को छोटा और ज्यादा असरदार बना रही है, मैनेजमेंट के स्तर कम कर रही है और ऐसे नए तरीके आजमा रही है जहां एक ही व्यक्ति एआई की मदद से कई काम (जैसे इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट और डिजाइन) संभाल सके. 

पूरी इंडस्ट्री के लिए है बदलाव का समय 
 
आर्मस्ट्रांग के अनुसार, यह सिर्फ कॉइनबेस ही नहीं बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा बदलाव का समय है. इस बदलाव के चलते कंपनी को करीब 50–60 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा, जो मुख्य रूप से छंटनी और कर्मचारियों को मिलने वाले फायदे पर होगा और इसका असर इसी तिमाही में दिखेगा. कॉइनबेस की छंटनी अकेली नहीं है. टेक इंडस्ट्री में कई बड़ी कंपनियां एआई का इस्तेमाल बढ़ाकर काम को ज्यादा स्किल बना रही हैं और कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं. मेटा, अमेजन, डेल और ओरेकल जैसी कंपनियां भी हाल में छंटनी कर चुकी हैं. 

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रिपोर्टर- दिव्या भाटी

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