ATAGS तोप... ब्रह्मोस-आकाश के साथ मिलकर PAK के पोस्ट और बंकर उड़ाए

एटीएजीएस (ATAGS) भारतीय सेना की स्वदेशी 155 मिमी/52 कैलिबर टोड तोप है. इसकी मारक क्षमता 48 किमी है. बर्स्ट फायरिंग में 85 सेकंड में 6 गोले दाग सकता है. ऑपरेशन सिंदूर में LoC पर तैनात होकर दुश्मन ठिकानों पर सटीक हमले किए. 307 यूनिट्स का ऑर्डर दिया गया है. फरवरी 2027 तक पहला रेजिमेंट शामिल हो जाएगा.

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पोखरण में ATAGS गन से फायरिंग टेस्ट करते जवान. (File Photo: DRDO) पोखरण में ATAGS गन से फायरिंग टेस्ट करते जवान. (File Photo: DRDO)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:54 AM IST

भारतीय सेना अपने तोपखाने की ताकत को मजबूत करने के लिए तेजी से काम कर रही है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है एडवांस्ड टो्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), जो पूरी तरह स्वदेशी है. यह 155 मिमी/52 कैलिबर की आधुनिक तोप है. DRDO ने इसे भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) के साथ मिलकर बनाया है.

मार्च 2025 में रक्षा मंत्रालय ने 307 ATAGS और 327 हाई-मोबिलिटी 6x6 गन टोइंग वाहनों के लिए 6,900 करोड़ रुपये का सौदा किया. पहला रेजिमेंट (18 तोपें) फरवरी 2027 तक सेना में शामिल होगा. डिलीवरी 5 साल में पूरी होगी, जिसमें भारत फोर्ज 60% (184 यूनिट) और टाटा 40% (123 यूनिट) बनाएंगे.

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ATAGS क्या है?

ATAGS एक टोड (खींचकर ले जाई जाने वाली) तोप है, जिसे 2013 में शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य पुरानी 105 मिमी और 130 मिमी तोपों को बदलना है. यह आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया का बेहतरीन उदाहरण है, जिसमें 65% से ज्यादा हिस्से भारत में बने हैं.

मारक क्षमता (रेंज): सामान्य गोले से 35-40 किमी. हाई एक्सप्लोसिव बेस ब्लीड (HE-BB) गोले से 48 किमी. 

गति और फायरिंग रेट: बर्स्ट मोड में 85 सेकंड में 6 गोले. 2.5 मिनट में 10 गोले. प्रति घंटा 60 गोले दाग सकता है.

तकनीक:  ऑल-इलेक्ट्रिक ड्राइव (हाइड्रोलिक की जगह, कम रखरखाव).

पूरी तरह स्वचालित: गन लेइंग, गोला-बारूद लोडिंग, इनर्शियल नेविगेशन, मझल वेलोसिटी रडार और बैलिस्टिक कंप्यूटर से सटीक निशाना

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वजन और गतिशीलता: वजन लगभग 18-19.5 टन. हल्के वर्जन पर काम जारी, 15 टन से कम लक्ष्य है. 6x6 वाहन से खींची जा सकती है, रेगिस्तान, पहाड़ और ठंडे इलाकों (लद्दाख, सिक्किम) में काम करती है.

अन्य: भविष्य में लॉन्ग रेंज गाइडेड म्यूनिशन्स (LRGM) फायर कर सकती है. ट्रक-माउंटेड वेरिएंट (MGS) भी विकास में, 8x8 वाहन पर, 'शूट-एंड-स्कूट' क्षमता है. 

ऑपरेशन सिंदूर में ATAGS का इस्तेमाल

मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया. इस दौरान ATAGS को LAC और LoC पर तैनात किया गया. इसने पाकिस्तान की तरफ से आने वाले हमलों का मुकाबला किया. ATAGS की 48 किमी रेंज और सटीक फायरिंग ने दुश्मन के ठिकानों पर गहरा असर डाला.

यह ऑपरेशन में भारतीय तोपखाने की नई ताकत साबित हुई, जिसने ब्रह्मोस, आकाश जैसे सिस्टम के साथ मिलकर पाकिस्तान की वायु और जमीनी ताकत को कमजोर किया. ATAGS ने सीमा पर मजबूत फायर सपोर्ट दिया, जिससे सेना की रणनीति सफल रही.

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