Indian Navy के लिए टॉरपीडो-कम-मिसाइल बार्ज प्रोजेक्ट शुरू, जानिए इससे क्या फायदा होगा?

भारतीय नौसेना के लिए ऐसे बार्ज को बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिससे युद्धपोतों पर हथियार, मिसाइल और टॉरपीडो पहुंचाने का काम आसान हो जाएगा. इससे नौसेना तेज गति से अपने जंगी जहाजों को हथियारों से लोड कर पाएगी. जंगी जहाज को बंदरगाह पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

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ये है Indian Navy के लिए बनाया गया Torpedo-cum-Missile बार्ज. (सभी फोटोः भारतीय नौसेना) ये है Indian Navy के लिए बनाया गया Torpedo-cum-Missile बार्ज. (सभी फोटोः भारतीय नौसेना)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

भारतीय नौसेना (Indian Navy) के लिए MSME शिपयार्ड सूर्यदीप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे में 24 जनवरी, 2024 को 11 एक्स एम्युनिशन कम टॉरपीडो कम मिसाइल (ACTCM) बार्ज प्रोजेक्ट के 5वें बार्ज 'एम्युनिशन कम टॉरपीडो कम मिसाइल बार्ज, LSAM 19' का शुभारम्भ हुआ. इस मौके पर कमोडोर वी प्रवीण, LWPS (MBI) भी मौजूद थे.  

11X ACTCM बार्ज के निर्माण के लिए अनुबंध पर रक्षा मंत्रालय और सूर्यदीप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे के बीच 05 मार्च, 2021 को हस्ताक्षर हुए थे. इन बार्ज की मौजूदगी से जेटी और बाहरी बंदरगाह दोनों पर भारतीय नौसेना को अपने जंगी जहाजों के लिए वस्तुओं/गोला-बारूद के परिवहन, चढ़ाने और उतारने की सुविधा मिलेगी. इससे नौसेना को अपने संचालन में तेज गति मिलेगी.  

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ये बार्ज प्रासंगिक नौसेना नियमों और भारतीय शिपिंग रजिस्टर के विनियमन के तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किए गए हैं. डिजाइन चरण के दौरान बार्ज का मॉडल परीक्षण नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला, विशाखापत्तनम में किया गया था. ये बार्ज भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के गौरवशाली ध्वजवाहक हैं.

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