बसपा विधायक राजू पाल की हत्या का मामला सीबीआई के हवाले

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में जांच करने के निर्देश दिए हैं. इस हत्याकांड में सपा नेता अतीक अहमद का भाई मुख्य आरोपी है.

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इस हत्याकांड की जांच अभी तक यूपी सीबी-सीआईडी कर रही थी इस हत्याकांड की जांच अभी तक यूपी सीबी-सीआईडी कर रही थी

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 12:07 PM IST

उत्तर प्रदेश के चर्चित राजू पाल हत्याकांड की जांच अब सीबीआई करेगी. बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के निर्देश दिए हैं.

राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी. शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इस हत्याकांड की जांच के निर्देश दे दिए.

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अभी तक इस मामले की जांच यूपी सीबी-सीआईडी कर रही थी. इस मामले में इलाहाबाद के बाहुबली माफिया और सपा नेता अतीक अहमद के भाई अशरफ को मुख्य आरोपी बनाया गया था.

ज़रूर पढ़ेंः इलाहाबाद में बोलती थी अतीक अहमद की तूती

बताते चलें कि 2004 के आम चुनाव में फूलपुर से सपा के टिकट पर अतीक अहमद सांसद चुने गए थे. इसके बाद इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट खाली हो गई थी. इस सीट पर उपचुनाव था. सपा ने अतीक के छोटे भाई अशरफ को टिकट दिया था. मगर बसपा ने उसके सामने राजू पाल को खड़ा किया.

उस उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी राजू पाल ने अतीक अहमद के भाई अशरफ को हरा दिया था. उपचुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने राजू पाल की कुछ महीने बाद ही 25 जनवरी, 2005 को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में सीधे तौर पर सांसद अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ का नाम सामने आया था.

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