राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने दो दिन लगातार भागदौड़ करने के बाद श्रीगंगानगर में चल रहे लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया. इस दौरान तीन महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी गर्भवती महिलाओं को गर्भ में लड़की होने की बात बताकर गर्भपात करते थे और मोटी रकम वसूलते थे.
स्वास्थ विभाग के एमडी नवीन जैन ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि श्रीगंगानगर में और गर्भपात का एक बड़ा रैकेट चल रहा है. पुष्टि के बाद टीम गठित की गई और इस रैकेट के दलाल राकेश से संपर्क साधा गया. राकेश ने भ्रूण लिंग जांच के लिए चालीस हजार रुपये की मांग की. सौदा तय हो गया.
दलाल राकेश ने विभाग की तरफ से भेजे गए नकली ग्राहक को शुभम हॉस्पीटल के पास पार्क में बुलाया. इसके बाद गर्भवती महिला को दाई बिमला देवी के घर पर ले बुलाया गया. जहां से विमला देवी गर्भवती महिला और नकली ग्राहक को पैदल ही पतली गलियों से होते हुए एक अन्य महिला के घर ले गई. वहां से ये सब कथित चिकित्सक रेखा के पास पहुंचे.
फिर जैसे ही इन लोगों ने जांच शुरु की, तभी पुलिस और विभाग की टीम ने मौके पर छापामार कर तीनों महिलाओं और उनके साथी राकेश को गिरफ्तार कर लिया. राकेश एक स्थानीय हॉस्पीटल में बतौर पीआरओ कार्यरत है. पूछताछ में पता चला है कि कई अस्पतालों के पीआरओ भी इस धंधे में लिप्त हैं.
एमडी नवीन जैन ने बताया कि पकड़ी गई कथित महिला चिकित्सक लिंग जांच के मामले में फर्जीवाड़ा कर लोगों को गर्भ में लडक़ी होने की बात बताती थी. आरोपी रेखा गर्भवती महिला को आंखों पर पट्टी बांधकर कमरे में ले जाती थी. जहां जुगाड़ से तैयार की गई नकली मशीन से जांच का नाटक करते थे.
वहां भी गर्भवती महिला की आंखों पर कपड़ा डालकर रखा जाता था. इस दौरान वहां कमरे में आरोपी रेखा के इशारे पर एक मटका फोड़ा जाता था. जिसका मतलब होता था कि गर्भ में लडकी है. इसके बाद गर्भवती को दूसरे रास्ते से जाने के लिए कह दिया जाता था. इसके बाद दूसरी महिला के लिए अलग से रुपयों की मांग करती थी.
सौदा हो जाने पर गर्भवती महिला को अगले दिन सुबह खाली पेट बुलाया जाता था. इसी तरह से विभाग की टीम ने नकली ग्राहक और महिला को भेजकर जाल फैलाया और तीनों आरोपी महिलाओं को उनके साथी राकेश के साथ धरदबोचा.
परवेज़ सागर / शरत कुमार