पटना से 60 किलोमीटर दूर पंडारक का दियारा ईलाका शनिवार की सुबह गोलियों की गूंज से थरथरा उठा जब बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स के कमांडो और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई. हालांकि घंटों चली इस मुठभेड़ के बाद भी बदमाश भागने में कामयाब हो गए.
दरअसल, स्पेशल टास्क फोर्स को जानकारी मिली थी कि रामजनम यादव गैंग के इलाके में कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और इसकी जानकारी के ऊपर उन्होंने पंडारक इलाके में शनिवार कि सुबह दबिश बनाई.
चश्मदीदों की मानें तो स्पेशल टास्क फोर्स और बदमाशों के बीच एनकाउंटर और गोलीबारी तकरीबन 4 घंटे से भी ज्यादा वक्त तक चली. इस दौरान 150 राउंड से भी ज्यादा फायरिंग की गई. अपराधियों ने एसटीएफ जवानों पर 80 राउंड फायर किए और जवाबी कार्रवाई ने एसटीएफ के जवानों ने भी तकरीबन 70 राउंड फायर किए.
लगभग 4 घंटे से भी ज्यादा चले एनकाउंटर के दौरान बदमाश मौके से भागने में सफल हो गए. दरअसल, स्पेशल टास्क फोर्स के जवान पंडारक इलाके में दबिश बनाने के लिए पहुंचे थे, इस बात की जानकारी अपराधियों को पहले ही मिल चुकी थी. इसी वजह से अपराधी उनसे मुकाबला करने के लिए पहले से तैयार थे.
जैसे ही उन लोगों ने स्पेशल टास्क फोर्स के जवानों को देखा उन पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी. के दौरान अपराधी भले ही बच निकलने में सफल रहे हो मगर मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में कारतूस और हथियार जब्त किए हैं. अपराधियों के भागने के बाद पुलिस ने पूरे दियारा इलाके में कॉन्बिंग ऑपरेशन चलाया.
पंडारक इलाके में रामजनम यादव गैंग आतंक का पर्याय बन चुका था और पिछले कई वर्षों में लूट, डकैती, किडनैपिंग और रंगदारी की घटनाओं में शामिल रहा है.
परवेज़ सागर / रोहित कुमार सिंह