पठानकोट हमले से पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मौहम्मद, हिज्बुल और पंजाब के आतंकी संगठन बब्बर खालसा के साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों ने एक बैठक की थी. भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने इस बात का खुलासा किया है.
आईबी के सूत्रों की माने तो दिसंबर 2015 के पहले सप्ताह में एक अहम बैठक बुलाई थी. जिसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मौहम्मद, हिज्बुल और पंजाब के आतंकी संगठन बब्बर खालसा के नुमाइंदे शामिल हुए थे.
बैठक के दौरान आईएसआई ने अपने सहयोगी आतंकी संगठनों को जम्मू कश्मीर और पंजाब में कही थी. साथ ही सभी आतंकी संगठनों को आईएसआई के हुक्मरानों ने एकजुट होकर आपसी तालमेल बनाने के लिए कहा था.
पाक एजेंसी आईएसआई ने बैठक में शामिल हुए सभी आतंकी संगठनों को एकजुट होकर भारत पर बड़े हमले करने का फरमान सुनाया था. यही नहीं इस काम के लिए आईएसआई ने सभी आतंकवादी संगठनों को फंड भी मुहैया कराया था.
माना जा रहा है कि पठानकोट पर हुआ आतंकी हमला आईएसआई के उसी फरमान का नतीजा है जो उस बैठक के दौरान आतंकवादियों को दिया गया था.
परवेज़ सागर