अमेरिका और ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों ने एयर फ्रांस सहित व्यावसायिक एयरलाइनों के यात्रियों के मोबाइल फोन से आंकड़े जुटाने की कोशिश की है. अमेरिकी व्हिसलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन से मिले दस्तावेजों का हवाला देते हुए फ्रांसीसी मीडिया ने यह रिपोर्ट दी है.
फ्रांसीसी ध्वज वाहक विमान इससे पहले भी अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और इसकी ब्रिटिश समकक्ष जीसीएचक्यू के निशाने पर रहा था, क्योंकि इसे आतंकवादियों के निशाने के तौर पर देखा जा रहा था और इसने वर्ष 2007 में इसके विमान पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल की मंजूरी देने की जांच की थी.
समाचार वेबसाइट द इंटरसेप्ट की भागीदारी में ले मॉन्दे ने स्नोडेन के संग्रह से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए बताया, खुले आसमान में इंटरनेट कनेक्शन के साथ मोबाइल का इस्तेमाल एनएसए और जीसीएचक्यू के लिए विशेष प्रोग्राम की रचना का कारण बना.
आम तौर पर विमानों में यात्रियों के लिए फोन करना संभव नहीं होता है, लेकिन कुछ विमान यात्रियों को केबिन वाईफाई से जोड़कर फोन इस्तेमाल की सुविधा देते हैं ताकि वे अपने मोबाइल फोन पर इंटरनेट की सुविधा का लाभ ले सकें. वर्ष 2012 में कम से कम 27 एयरलाइनों ने यात्रियों को विमान में मोबाइल फोन इस्तेमाल की इजाजत दी थी.
इन एयरलाइनों में ब्रिटिश एयरवेज, एयरोफ्लोट, एतिहाद, कैथे पैसिफिक, लुफ्थांसा और सिंगापुर एयरलाइन शामिल हैं. बहरहाल, एयरफ्रांस विमानों पर उस संचार निगरानी का एक प्रतीक था जिसके तहत ब्रिटिश खुफिया एजेंसी ने यह जानने के लिए एयरफ्रांस के विमानों की एक ड्राइंग का इस्तेमाल किया था कि विमान के अंदर अवरोधन किस तरह से काम करता है.
परवेज़ सागर / BHASHA