छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पांच लाख रुपये के इनामी नक्सली समेत चार नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया है. सुरक्षाबलों के सामने हथियार डालने वाले इन नक्सलियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं. ये सभी नक्सली दक्षिण बस्तर डिवीजन में नक्सलियों की किस्टाराम एरिया कमेटी के सदस्य बताए जाते हैं.
सुकमा एसपी किरण चव्हाण के मुताबिक चार नक्सलियों ने पूना मार्गेम अभियान के तहत सरेंडर किया. इनके पास ऑटोमैटिक हथियार थे. उन्होंने बताया कि सरेंडर करने वालों में गोलापल्ली एलओएस कमांडर सोढ़ी जोगा भी शामिल है. सोढी पर पांच लाख इनाम था. एसपी ने बताया है कि सरेंडर करने वाले तीन अन्य नक्सलियों डाबर गंगा उर्फ मडकम गंगा, सोढ़ी राजे और माडवी बुधरी पर एक-एक लाख रुपये का इनाम है.
पुलिस के मुताबिक नक्सलियों ने हथियार के साथ सरेंडर किया है. इनमें एक इंसास राइफल, एक सिंगल लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक .303 राइफल, एक .315 राइफल और गोला बारूद के साथ आत्मसमर्पण किया है. इस सरेंडर में आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले की पुलिस का भी महत्वपूर्ण रोल बताया जा रहा है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किस्टाराम और गोलापल्ली क्षेत्रों में स्थापित नए सुरक्षा शिविरों और सड़क कनेक्टिविटी बढ़ने, नक्सल विरोधी अभियान के प्रभाव के कारण ही सरेंडर संभव हो पाया.
पुनर्वास में मिलेगा सहयोग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हथियार छोड़ने वाले नक्सलियों को पुनर्वास के साथ ही सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और अन्य सहयोग भी दिया जाएगा. सुकमा एसपी ने नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील करते हुए कहा है कि उन्हें सुरक्षा के साथ ही सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जाएगा.
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नक्सलियों ने बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम, अल्लूरी सीताराम राजू जिले के एएसपी पंकज मीणा, सुकमा के एएसपी रोहित शाह और 2IC कोंटा रेंज सीआरपीएफ के अरविंद पी आनंद के सामने सरेंडर किया.
जितेंद्र बहादुर सिंह