77वें गणतंत्र दिवस की सुबह पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के तालडांगरा और ओंदा थाना क्षेत्रों में नक्सली पोस्टर मिलने से सनसनी फैल गई. पोस्टरों में मारे गए नक्सली हिड़मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है और सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष छेड़ने का आह्वान किया गया है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर पोस्टर फाड़ दिए और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी. प्रारंभिक जांच में यह पोस्टर नक्सली संगठनों से सीधे जुड़े नहीं पाए गए हैं, पुलिस संदिग्धों की पहचान के लिए जांच कर रही है.
बताया जा रहा है कि पोस्टरों में छत्तीसगढ़ में निर्दोष आदिवासियों पर राज्य द्वारा कथित आतंक फैलाने का आरोप लगाया गया है और इसे तत्काल बंद करने की मांग की गई है. इसके अलावा नक्सलवादी गतिविधियों के संदेह में गिरफ्तार किए गए लोगों को फौरन रिहा करने की मांग की गई है. पोस्टरों में वर्तमान सरकार को 'फासीवादी सरकार' करार दिया है और सरकार के खिलाफ चारों ओर सशस्त्र संघर्ष छेड़ने का भी खुला आह्वान किया गया है.
पुलिस ने बढ़ा सतर्कता
सुबह इन पोस्टरों के नजर आने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें फाड़ दिया और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी. शुरुआती जांच में पुलिस का अनुमान है कि इन पोस्टर्स का वास्तविक नक्सली संगठनों से सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है.
स्थानीय स्तर पर किसी शरारती तत्व या अन्य लोगों द्वारा भ्रम फैलाने के लिए ये पोस्टर लगाए जाने की आशंका है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने में जुटी है.
तपस सेनगुप्ता