वसूली मामले में परमबीर सिंह से 4 घंटे तक पूछताछ, अब चांदीवाल आयोग के सामने पेशी

वसूली मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से फिर चार घंटे की पूछताछ हुई है. मुंबई के थाने पुलिस स्टेशन में चली ये पूछताछ अब खत्म हो चुकी है. लेकिन परमबीर की मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है.

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मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह

दिव्येश सिंह / पंकज उपाध्याय

  • मुंबई,
  • 26 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 4:59 PM IST
  • वसूली मामले में परमबीर से 4 घंटे पूछताछ
  • चांदीवाल आयोग के सामने भी होगी पेशी

वसूली मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह से शुक्रवार को फिर चार घंटे की पूछताछ हुई है. मुंबई के थाने पुलिस स्टेशन में चली ये पूछताछ अब खत्म हो चुकी है. लेकिन परमबीर की मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है. अब उन्हें सोमवार को चांदीवाल आयोग के सामने भी पेश होना पड़ेगा. जिस आयोग ने सचिन वाजे से कई घंटों की पूछताछ की है, कई सवाल-जवाब किए हैं, अब परमबीर को भी उस जांच में शामिल होना होगा.

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अब जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने तब के महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगा दिया था. उसी केस में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति के. यू. चांदीवाल की अध्यक्षता में आयोग अपनी जांच कर रहा है. इस जांच में शामिल होने के लिए कई बार परमबीर सिंह को भी कहा गया है, लेकिन वे बचते रहे. लेकिन अब सोमवार को वे भी चांदीवाल आयोग के सामने पेश हो रहे हैं. उनसे भी कई घंटे की पूछताछ होने वाली है. 

अभी कुछ दिन पहले भी वसूली मामले में परमबीर सिंह से कई घंटों की पूछताछ हो चुकी है. वे लंबे समय से मुंबई से बाहर चंडीगढ़ में रह रहे थे. लेकिन जब बॉम्बे हाई कोर्ट से उन्हें फटकार पड़ी, तब जाकर उन्होंने जांच में शामिल होने की बात मानी. वैसे भी अगर परमबीर सिंह जांच में सहयोग नहीं करते तो उनकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती थी. ऐसे में परमबीर सिंह ने जांच में शामिल होना ही ठीक समझा.

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अब परमबीर सिंह कई मामलों में फंसे हुए हैं. एक तरफ अनिल देशमुख मामले में उन्हें चांदीवाल आयोग के सामने पेश होना तो वहीं दूसरी तरफ कोर्ट में भी वसूली मामले की जांच जारी है. इसके अलावा अब रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर शमशेर खान पठान ने दावा किया है कि 26/11 के आतंकवादी हमले के दौरान तत्कालीन डीआईजी एटीएस परमबीर सिंह ने देश हित के खिलाफ काम किया था. शमशेर खान ने आरोप लगाया कि परमबीर सिंह ने आतंकवादी अजमल कसाब का फोन जब्त किया और इसे नष्ट कर दिया ताकि यह जांच में कभी सामने न आए.  

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