100 साल के हुए देश के पहले बैच के IPS... चंबल के डकैतों का किया था खात्मा, जानें उनकी प्रेरणादायी कहानी

मध्य प्रदेश पुलिस के इतिहास का एक जीवित अध्याय, DGP हरिवल्लभ मोहनलाल जोशी, अपने जीवन के 100 वर्ष पूरे कर चुके हैं. 1948 के पहले IPS बैच के सदस्य के रूप में उनका सफर केवल एक करियर नहीं, बल्कि भारतीय पुलिस सेवा के गौरव और अनुशासन का प्रतीक है.

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100 साल के टॉप कॉप को 2024 बैच की IPS ने दिया गुलदस्ता. (Photo:ITG) 100 साल के टॉप कॉप को 2024 बैच की IPS ने दिया गुलदस्ता. (Photo:ITG)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक (DGP) हरिवल्लभ मोहनलाल जोशी ने अपने जीवन के 100 वर्ष पूरे कर लिए. वे 1948 में शुरू हुई भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पहले बैच के संभवतः अकेले जीवित सदस्य हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर मध्य प्रदेश IPS एसोसिएशन ने भोपाल स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में एक भव्य और भावुक समारोह का आयोजन किया.

समारोह का सबसे यादगार पल तब आया जब 2024 बैच की प्रोबेशनरी IPS अधिकारी काजल सिंह (ASP उज्जैन) ने 100 वर्षीय वरिष्ठ अधिकारी को गुलदस्ता भेंट किया. एसोसिएशन ने इसे पुलिस सेवा की अटूट परंपरा और सम्मान का प्रतीक बताया.

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चंबल से डकैतों का सफाया 
मौजूदा DGP कैलाश मकवाना ने जोशी के कार्यकाल को एमपी पुलिस के इतिहास का प्रेरणादायी अध्याय बताया. उन्होंने कहा, जोशी ने चंबल और बुंदेलखंड के दुर्गम इलाकों में डकैती की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए योजनाबद्ध अभियान चलाए.

उनकी लीडरशिप में न केवल खूंखार डकैतों का सफाया हुआ, बल्कि बड़ी संख्या में डाकुओं ने आत्मसमर्पण भी किया, जिससे उन क्षेत्रों में विकास संभव हुआ.

पूर्व DGP हरिवल्लभ जोशी के विजन को वर्तमान DGP मकवाना ने किया सलाम.

'कर्म ही पूजा है'
100 साल की उम्र में भी सकारात्मक सोच रखने वाले जोशी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा समाज की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है.

उन्होंने 'कर्म ही पूजा है' के अपने मूल मंत्र को दोहराते हुए युवा अधिकारियों को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया.

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समारोह में IPS एसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर सहित प्रदेश के कई वर्तमान और पूर्व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. जोशी की जीवन यात्रा पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसने वहाँ मौजूद हर व्यक्ति को प्रेरित किया.

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