केरल रेडिकलाइजेशन केस में नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) को बड़ी कामयाबी मिली है. UAE से लौटे बैन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के एक कैडर को कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है. आरोपी तीन साल से फरार था. युवाओं को रेडिकलाइज़ कर 'वॉयलेंट जिहाद' फैलाने की साजिश में शामिल था.
NIA के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी UAE से लौटकर आया था और पिछले तीन साल से कानून से फरार चल रहा था. उसकी पहचान केरल के मलप्पुरम जिले के कट्टिप्परुथी निवासी मोइदीनकुट्टी पी के रूप में हुई है. जांच एजेंसी ने बताया कि सितंबर 2022 में दर्ज एक मामले में मोइदीनकुट्टी का नाम सामने आया था.
यह मामला प्रभावशाली युवाओं को रेडिकलाइज़ कर अलग-अलग समुदायों के बीच सांप्रदायिक फूट डालने से जुड़ा था. केस दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया था. वो केरल में PFI की फिजिकल एजुकेशन ट्रेनिंग का कोऑर्डिनेटर था. उसके घर पर तलाशी ली गई थी, जहां से आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे.
NIA का दावा है कि एक साजिश के तहत चुने हुए युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी. इसके साथ ही आतंक और हिंसा की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंड जुटाने का नेटवर्क भी खड़ा किया गया था. जांच में यह भी सामने आया कि इनका मकसद साल 2047 तक भारत में इस्लामिक राज स्थापित करना था.
जांच एजेंसी को यह भी संकेत मिले हैं कि देश को तोड़ने के इरादे से 'वॉयलेंट जिहाद' का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया था. इसे फैलाने की साजिश रची गई थी. पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने इस साजिश को आगे बढ़ाने के लिए कई विंग और यूनिट बनाई थीं. इनमें 'रिपोर्टर्स विंग', 'फिजिकल और आर्म्स ट्रेनिंग विंग' और 'सर्विस टीम्स' शामिल थीं.
जांच में यह भी पाया गया कि फिजिकल एजुकेशन, योग ट्रेनिंग और इसी तरह की गतिविधियों की आड़ में कैंपस, सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल चुनिंदा कैडर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए किया गया. इस मामले में NIA ने अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है.
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