हरियाणा के झज्जर जिले की एक सड़क पर रविवार शाम ऐसा खून बहा, जिसने रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए. हांसी की रहने वाली नवविवाहिता महक अपने पति के साथ कार में बैठकर गुरुग्राम जा रही थी. चार महीने पहले हुई शादी के बाद वह अपनी जिंदगी के नए ख्वाब बुन रही थी. लेकिन बादली कस्बे के पास आते ही उसकी कहानी अचानक खत्म हो गई. क्योंकि रास्ते में ही उसे बेरहमी के साथ मौत के घाट उतार दिया गया. दो माह की गर्भवती महक को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ सफर कर रहा उसका हमसफर ही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा. ये कहानी बेहद हैरान करने वाली है.
पति-पत्नी और शक की कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे शक की दीवार खड़ी थी. आरोपी अंशुल गुरुग्राम में सीए है, वो अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था. महक बैंक में नौकरी करती थी और सहकर्मियों से फोन पर बातचीत करती थी. इसी बात को लेकर अंशुल के मन में शक गहराता गया. यह शक इतना खतरनाक हो गया कि उसने अपनी पत्नी को जान से मारने की खूनी साजिश रच डाली. परिवार वालों को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि यह शक इतनी बड़ी वारदात में बदल जाएगा.
बादली के पास मौत का खेल
घटना बादली कस्बे के पास गांव पाहसौर के नजदीक हुई. पुलिस के मुताबिक अंशुल पहले से ही हत्या की योजना बनाकर चला था. वह अपने साथ एक कैंची लेकर आया था. रास्ते में सुनसान जगह देखकर उसने पहले पत्नी का गला दबाया और फिर कैंची से उसके गले पर वार किए. जिससे मौके पर ही महक की मौत हो गई. इसके बाद उसने लाश को पास के रजवाहे में फेंक दिया गया, ताकि मामला लूट जैसा लगे.
112 नंबर पर लूट की सूचना
डायल 112 पर सूचना मिली कि एक नवदंपति के साथ लूट हुई है और महिला की हत्या कर दी गई है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. वहां महक की लाश रजवाहे में पड़ी मिली. पति अंशुल ने पुलिस को बताया कि कुछ बदमाशों ने उनकी कार रोकी, मारपीट की और गाड़ी लूटकर फरार हो गए. उसने दावा किया कि लुटेरों ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी. शुरुआत में मामला लूट जैसा दिखा, लेकिन कहानी में कई सवाल छिपे थे.
पुलिस को हुआ शक
जैसे-जैसे पुलिस ने पूछताछ की, अंशुल की बातों में विरोधाभास नजर आने लगा. बादली थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने सख्ती दिखाई. कुछ ही देर में अंशुल की कहानी टूटने लगी. पुलिस का शक बढ़ता गया. पुलिस समझ गई कि यह लूट नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है. जब उससे कड़ाई से पूछताछ हुई तो वह टूट गया और सच सामने आ गया. उसने कबूल कर लिया कि महक की हत्या उसी ने की है.
पहले गला दबाया, फिर कैंची से वार
पूछताछ में अंशुल ने बताया कि उसने पहले पत्नी का गला दबाया और फिर कैंची से उसके गले पर कई वार किए. उसने यह भी माना कि हत्या की योजना पहले से बनाई थी. वह कैंची जानबूझकर साथ लेकर चला था. वारदात को लूट में बदलने के लिए उसने खुद ही कहानी गढ़ी. लेकिन उसकी यह साजिश ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई. पुलिस के सामने सच्चाई आखिरकार उजागर हो गई.
चार महीने पहले हुई थी शादी
महक और अंशुल की शादी को अभी सिर्फ चार महीने हुए थे. परिवार में खुशियों का माहौल था, क्योंकि महक दो माह की गर्भवती थी. हांसी की रहने वाली महक ने अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की थी. लेकिन उसके सपनों को उसी ने खत्म कर दिया, जिसके साथ उसने सात फेरे लिए थे. यह हत्या सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि उसके अजन्मे बच्चे का भी मर्डर है.
वैलेंटाइन डे के बाद कत्ल का प्लान
जांच में यह भी सामने आया कि अंशुल ने पहले अपनी पत्नी के साथ वैलेंटाइन डे मनाया था. इसलिए बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन उसके मन में हत्या की साजिश चल रही थी. शक की आग ने रिश्ते को अंदर ही अंदर जला दिया था. वैलेंटाइन डे के कुछ ही समय बाद उसने अपनी योजना को अंजाम दे दिया. उसके दोहरे चेहरे ने सभी को हैरान कर दिया.
पुलिस ने किया खुलासा
बादली थाना में हुई प्रेसवार्ता में थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. अदालत से पुलिस रिमांड मिलने के बाद उससे गहन पूछताछ की जाएगी. पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान हत्या की पूरी साजिश और अन्य पहलुओं से पर्दा उठेगा. परिजनों की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
सवालों में घिरा रिश्ता
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने की कहानी है. चरित्र पर शक, संवाद की कमी और गुस्से ने एक परिवार को उजाड़ दिया. झज्जर की इस घटना ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शक किस हद तक खतरनाक हो सकता है. पुलिस अब रिमांड के दौरान हर पहलू की जांच करेगी. लेकिन महक की मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रिश्तों में विश्वास ही सबसे बड़ा आधार होता है. जब वो टूट जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है.
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