Amreli Murder Case: गुजरात के अमरेली जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया. वहां एक शख्स ने पिता–पुत्र के पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया. बेटे की हरकतों से तंग आकर एक पिता ने अपने ही बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी और उसकी लाश को अपने खेत में ही दफना दिया. हैरानी की बात ये यह मामला करीब एक महीने तक छिपा रहा, लेकिन बदबू और नर कंकाल मिलने के बाद इस कत्ल का सच सामने आ गया.
रोज़ होता था घरेलू विवाद
यह खूनी वारदात अमरेली जिले के धारी गांव की है. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. पुलिस के मुताबिक, मृतक 25 वर्षीय हितेश अपने माता-पिता के साथ गांव में रहता था. उसे शराब पीने की गंभीर लत थी और वह रोज़ नशे में घर आकर झगड़ा करता था. आए दिन घर में कलह और हंगामा आम बात हो गई थी. हितेश अक्सर माता-पिता से अभद्र भाषा में बात करता और अनुचित मांगें करता था. उसकी इस आदत से पूरा परिवार मानसिक तनाव में जी रहा था.
जब बिगड़ गए हालात
24 नवंबर 2025 की रात भी हितेश रोज़ की तरह नशे में घर लौटा. उसने घर आते ही अपनी मां से झगड़ा शुरू कर दिया और अनुचित मांगें करने लगा. मां ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह और ज्यादा उग्र हो गया. नशे में धुत हितेश अपनी हरकतों की हदें पार कर रहा था, जिससे घर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया.
पिता ने की समझाइश
इसी दौरान हितेश के पिता वशराम भाई घर पहुंचे और बेटे को समझाने की कोशिश की. उन्होंने उसे शांत रहने और गलत व्यवहार न करने की सलाह दी. लेकिन नशे में डूबा हितेश रिश्तों की मर्यादा भूल चुका था और मां-बेटे के पवित्र संबंध को भी नहीं समझ पाया. लगातार अपमान और अभद्रता से गुस्साए पिता का सब्र जवाब दे गया.
घर में मर्डर, खेत में लाश
गुस्से के आवेग में वशराम भाई ने अपने ही घर में बेटे हितेश का गला घोंटकर हत्या कर दी. हत्या के बाद उन्होंने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. रात के अंधेरे में शव को घर से निकालकर अपने खेत के किनारे ले गए. वहां गड्ढा खोदकर बेटे के शव को दफना दिया, ताकि किसी को शक न हो.
एक महीने तक नहीं खुला राज
इस जघन्य घटना के बाद भी परिवार सामान्य जीवन जीता रहा. गांव में किसी को यह अंदेशा नहीं था कि हितेश की हत्या हो चुकी है. समय बीतता गया और मामला दबा रहा. लेकिन करीब एक महीने बाद हालात बदल गए, जब खेत से आने वाली तेज बदबू ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया.
बदबू और कंकाल से खुली पोल
31 दिसंबर की रात पुलिस को एक खेत मालिक का फोन आया. उसने बताया कि पड़ोसी वशराम सेंजलिया के खेत से अजीब बदबू आ रही है और कुछ शव जैसा दिखाई दे रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. 1 जनवरी की सुबह पंचायत सदस्यों की मौजूदगी में खुदाई की गई, जिसमें एक सड़ा-गला शव और कंकाल मिला. इसके बाद शव को फॉरेंसिक जांच के लिए भावनगर भेजा गया.
पूछताछ में पिता का कबूलनामा
शव मिलने के बाद पुलिस ने परिवार से पूछताछ शुरू की. शुरुआती सवाल-जवाब में ही वशराम भाई टूट गए और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उन्होंने बताया कि बेटे की नशे में की गई अनुचित हरकतों और रोज़ के झगड़ों से तंग आकर उन्होंने हत्या कर दी. फिलहाल धारी पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
ब्रिजेश दोशी