दिल्ली के मुंडका इलाके में एक नवजात बच्ची के कत्ल की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां एक 22 वर्षीय महिला ने अपने घर में 9 दिन की नवजात बच्ची का गला काट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. आरोपी महिला बेटी नहीं चाहती थी, इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक, ये वारदात राजधानी के मुंडका के टिकरी में बाबा हरिदास कॉलोनी में हुई है. यहां एक इमारत की दूसरी मंजिल पर दंपति रहते हैं. 9 दिन पहले ही महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया. उसके पैदा होने के बाद से ही वो महिला निराश रहती थी. उसे बेटा चाहिए था, लेकिन बेटी होने के बाद उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया.
पुलिस उपायुक्त (बाहरी) जिमी चिराम ने बताया कि आरोपी महिला के पति गोविंदा ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर बताया कि उसकी पत्नी ने अपनी बेटी का गला काट दिया है. इसके बाद उसके घर पर एक पुलिस टीम भेजी गई. पुलिस ने एक कमरे में नवजात को मृत पाया, जबकि उसकी मां दूसरे कमरे में थी. आरोपी को पुलिस थाने लाई.
आरोपी महिला ने लगातार पूछताछ के बाद खुलासा किया कि वो बेटी नहीं चाहती थी, इसलिए उसने उसे मार डाला. पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है. आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी महिला का पति हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक जूता फैक्ट्री में मजदूर के तौर पर काम करता है. साल 2019 में वो अपनी पत्नी, मां और भाई के साथ दिल्ली आया था. उसका करीब दो साल का एक बेटा भी है. इसके बावजूद महिला दूसरा बेटा चाहती थी. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.
बताते चलें कि एक अन्य मामसे में दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में एक शख्स ने अपनी ही सात साल की बच्ची की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को शमशान घाट में दफना दिया. पुलिस ने हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया. उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड बताया जा रहा है. आरोपी ने परिजनों को हत्या का हादसा बताया था.
आरोपी ने कहा था कि वो पिस्तौल को कॉक कर रहा था. इसी दौरान गलती से गोली चल गई, जो बच्ची को लग गई. उसने अपनी पत्नी और मां को बताया कि लड़की की दुर्घटनावश मौत हो गई. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को श्मशान घाट से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेज दिया.
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