बेंगलुरु में लेडी व्लॉगर की खौफनाक हत्या, कत्ल कर दो दिन तक डेड बॉडी के पास बैठा रहा बॉयफ्रेंड

बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके के एक सर्विस अपार्टमेंट में एक लेडी व्लॉगर की हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. मृतक व्लॉगर की पहचान माया गोगोई के रूप में हुई है, जो कि असम की रहने वाली थी. वो अपने कथित बॉयफ्रेंड आरव हरनी के साथ 23 नवंबर को सर्विस अपार्टमेंट में रहने के लिए आई थी.

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बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके के एक सर्विस अपार्टमेंट में एक लेडी ब्लॉगर की हत्या. बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके के एक सर्विस अपार्टमेंट में एक लेडी ब्लॉगर की हत्या.

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 26 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:04 PM IST

बेंगलुरु के इंदिरा नगर इलाके के एक सर्विस अपार्टमेंट में एक लेडी व्लॉगर की हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. मृतक की पहचान माया गोगोई के रूप में हुई है, जो कि असम की रहने वाली थी. वो अपने कथित बॉयफ्रेंड आरव हरनी के साथ 23 नवंबर को सर्विस अपार्टमेंट में रहने के लिए आई थी.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लेडी व्लॉगर माया गोगोई के बॉयफ्रेंड ने 24 नवंबर को उसकी हत्या कर दी थी. संदेह है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद आरोपी ने चाकू से माया की छाती पर कई बार कर दिया. उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. इसके बाद वो दो दिन तक शव के पास बैठा रहा.

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इसके बाद सुबह को कैब करके वो वहां से फरार हो गया. अपार्टमेंट स्टॉफ ने कमरे में शव मिलने की सूचना पुलिस को दी. उन्होंने ही बताया कि मृतिका अपने दोस्त के साथ ठहरने के लिए आई थी. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके उसकी तलाश शुरू कर दी है. पुलिस के अनुसार माया कोरमंगला में काम करती थी.

पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डी देवराज ने बताया, "हम क्राइम सीन की जांच कर रहे हैं. पुलिस और फोरेंसिक की टीमें वहां मौजूद हैं. पुलिस की एक टीम मृतिका की पहचान को स्थापित करने के लिए एचएसआर लेआउट गई हुई है, जहां वो काम करती थी. आरोपी केरल का रहने वाला है. उसके बारे में अधिक जानकारी ली जा रही है.'' 

बताते चलें कि सितंबर में बेंगलुरु में एक महिला की हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. यहां के व्यालीकवल इलाके में एक घर के कमरे में 165 लीटर मॉडल का सिंगल डोर फ्रिज में 29 साल की महालक्ष्मी की लाश के 30 से 40 टुकड़ो में मिली थी. कई टुकड़े फर्श तक पर बिखरे पड़े थे. 

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वारदात के करीब 19 दिन बाद कमरे का दरवाज़ा 21 सितंबर को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खुला था. उस बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर पांच महीने पहले ही महालक्ष्मी किरायेदार के तौर पर रहने आई थी. नेपाल की रहने वाली महालक्ष्मी वहां अकेली रहती थी. पड़ोसी भी उसे नहीं जानते थे. 

वजह ये थी कि हर रोज़ वो सुबह 9.30 बजे घर से निकलती और रात 10.30 के बाद ही घर लौटती. उसकी मां और बहन बेंगलुरु में रहते हैं. दो सितंबर के बाद अचानक महालक्ष्मी का फोन बंद हो गया. उसकी मां और बहन लगातार फोन करते रहे, पर बात नहीं हो रही थी. इसी बीच पड़ोसियों को घर से बदबू आई.

20 सितंबर को मकान मालिक ने महालक्ष्मी की मां को फोन किया. उन्हें महालक्ष्मी के घर से आ रही बदबू के बारे में जानकारी दी. मकान मालिक की बात सुन कर वो घबरा गई. महालक्ष्मी के घर की एक चाबी मां के पास रहती थी. वो फौरन चाबी लेकर अपनी दूसरी बेटी के साथ महालक्ष्मी के साथ घर पहुंची. 

मकान मालिक और पड़ोसियों की मौजूदगी में घर का दरवाजा खोला गया. लेकिन दरवाज़ा खुलते ही अंदर से इतनी तेज़ बदबू आई कि सभी पीछे हट गए. कुछ देर बाद हिम्मत कर फिर से वो अंदर गए. फर्श पर हर तरफ खून के निशान थे. मांस के छोटे-छोटे लोथड़े यहां वहां पड़े थे. इस तरह इस वारदात का खुलासा हुआ था.

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