ठगी के लिए बदमाश कई तरीके अपनाते हैं. ऐसे तरीके जिन्हें जानकर अच्छे-अच्छों का दिमाग चकरा जाए. ताजा मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ का है. यहां एटीएस वाराणसी की यूनिट ने इंटरस्टेट ठगी करने वाली गैंग के मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर पुलिस ने पचास हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर रखा था. गैंग के 8 सदस्यों को एटीएस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.
खबर के मुताबिक, यूपी एटीएस की वाराणसी यूनिट ने लखनऊ से हरिओम उर्फ पवन दुबे उर्फ डॉक्टर को किया गिरफ्तार किया है. शातिर बदमाश हरिओम की गैंग लोगों को असली नोट दिखाकर कहती, ''ये नकली नोट हैं. हमें असली के पचास हजार रुपए दो, बदले में दो लाख के असली दिखने वाले नकली नोट लो.''
जो भी गैंग की बातों में आ जाता. हरिओम की गैंग उसके साथ धोखाधड़ी कर फरार हो जाती. गैंग के आठ सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था. अब जाकर इंटरस्टेट गैंग चलाने वाला मास्टर माइंड हरिओम भी एटीएस की गिरफ्त में आया गया है.
शिकार को फंसाने लेते असली नोंटो का सहारा
गैंग का काम ऐसे लोगों को ढूंढना होता था जो असली रुपए देकर नकली करंसी खरीद लें. इसके लिए गैंग संबंधित व्यक्ति को उसकी दी गई असली रकम के बदले चार गुना नकली नोट देने के नाम अपने ठिकाने पर बुलाती और लूट कर देती.
जब कोई गैंग की बातों में आकर असली के बदले चार गुना नकली रकम लेने को राजी हो जाता. तो ये गैंग उससे कहती कि नकली नोट बिल्कुल असली नोट जैसे ही हैं.
विश्वास दिलाने के लिए एटीएम पर उस व्यक्ति को लेकर जाती. नकली नोट बताकर असली नोटों को एटीएम में जमा करते. शिकार को लगता नकली नोट तो हूबहू असली जैसे ही हैं. फिर असली करंसी गैंग के हवाले कर देते.
अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकाते
गैंगे ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाती जो व्यापार करते हैं. मामला नकली नोटों का होता था. इसलिए पीड़ित व्यक्ति पुलिस में ठगी की शिकायत नहीं करता था. जब कोई गैंग से कुछ कहता भी तो ठगी करने वाले अंडरवर्ल्ड के नाम पर धमकाया करते.
यूपी के साथ पांच राज्यों के लोगों को फंसाया
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गैंग यूपी के अलावा, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के व्यापारियों को अपना शिकार बनाती थी.
प्रयागराज के व्यापारी से हुई 90 थी लाख की ठगी
27 अक्टूबर 2021 को ऐसी ही किसी गैंग ने प्रयागराज के व्यापारी को दिल्ली बुलाकर उससे 90 लाख रूपए लूट लिए थे.
संतोष शर्मा