Uttarakhand : जेई-एई परीक्षा प्रकरण में चौथी गिरफ्तारी, SIT ने पकड़ा रुड़की में कोचिंग सेंटर चलाने वाला युवक

जेई/एई परीक्षा प्रकरण की जांच की दौरान SIT को रुड़की में संचालिक जीनियस कोचिंग इंस्टीटूयट के बारे में जानकारी मिली थी. इस कोचिंग को विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह संचालित करता है. विक्की हरिद्वार के चुड़ियाला थाना क्षेत्र के भगवानपुर का रहने वाला है. विक्सकी ने छात्रों से पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये लिए थे.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विक्की. पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विक्की.

अंकित शर्मा

  • देहरादून,
  • 11 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 9:41 AM IST

Paper Leak Case Uttarkhand : उत्तराखंड (Uttarakhand) के जेई/एई परीक्षा प्रकरण में एसआईटी ने की चौथी गिरफ्तारी की है. SIT ने रूड़की से एक कोचिंग संचालक विवेक उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया है. पुलिस को विक्की से पास से 2 लाख रुपये नगद और कुछ ब्लैंक चेक भी बरामद हुए हैं. यह चेक उसने अपनी कोचिंग पर आने वाले छात्रों को एग्जाम पेपर लीक कराकर पहले से उपलब्ध करान के लिए लिए थे. इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है. साथ ही एसआईटी को विक्की से कई महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई हैं.

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दरअसल, जेई/एई परीक्षा प्रकरण की जांच की दौरान SIT को रुड़की में संचालिक जीनियस कोचिंग इंस्टीटूयट के बारे में जानकारी मिली थी. इस कोचिंग को विवेक कुमार उर्फ विक्की पुत्र जयपाल सिंह संचालित करता है. विक्की हरिद्वार के चुड़ियाला थाना क्षेत्र के भगवानपुर का रहने वाला है.

एसआईटी की मिली अहम जानकारियां

पूछताछ के दौरान विक्की से जांच टीम को बहुत ही अमह जानकारियां मिली हैं. टीम के मुताबिक, नकल माफिया और संदिग्ध कोचिंग सेंटर का गठजोड़ होने की बात सामने आई है. यह लोग प्रश्न लीक कराकर एग्जाम पेपर लीक कराकर उपलब्ध कराने का लालच देकर कोचिंग में आने वाले छात्रों को फंसाते थे. 

मगर, जब इनकी कोचिंग के स्टूडेंट्स का एग्जाम में सिलेक्शन नहीं होने पर यही लोग परीक्षा निरस्त कराने के लिए धरना प्रदर्शन करते थे. बकायदा धरना प्रदर्शन के लिए फंडिंग भी की जाती थी. विक्की के मुताबिक उसके संपर्क में कई छात्र संगठन हैं. जो विरोध करने में मदद करते थे.

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19 लाख रुपये लिए, ब्लैंक चेक भी लिए, 8 लाख रुपये कोचिंग में किए खर्च

एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि विक्की ने पेपर उपलब्ध कराने का लालच देकर अपने स्टूडेंट्स से 19 लाख रुपये का सौदा किया था. छात्रों से लिया 8 लाख रुपये वह अपनी कोचिंग में खर्च कर चुका ै. वहीं 7 लाख रुपये नकद उससे बरामद हुआ है. कई बैंकों के ब्लैंक चेक भी विक्की से मिले हैं.

अब तक चार की गिरफ्तारी, कुल 7 लाख रुपये बरामद

इस मामले में अब तक संजीव कुमार पुत्र वैध्यनाथ भगत, नितिन चौहान, सुनील सैनी और विवेक कुमार उर्फ विक्की की गिरफ्तारी हो चुकी है.

आपको बता दें कि, एई-जेई मामले में 3 फरवरी को मुख्यमंत्री के आदेश पर कनखल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 2 लाख रुपए की नगदी और विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक बरामद किए जा चुके हैं.

यह है एसपी का कहना

एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर एई/ जेई की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक की शिकायत जो प्राप्त हुई थी. उसमें 3 फरवरी को मुकदमा दर्ज कर लिया गया था. कनखल थाने में इसमें प्रारंभिक रूप से जब जांच के दौरान जो साक्ष्य आए थे, उसके बाद तीन लोगों की इसमें अलग-अलग समय पर गिरफ्तारी हो चुकी है. अब रुड़की क्षेत्र में संचालित जीनियस कोचिंग इंस्टीटूट के संचालक विवेक उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया गया.

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एसपी ने आगे बताया, प्रश्न पत्र देने के नाम पर उदलखेड़ी सहारनपुर रोड पर एक मकान में छात्रों को ले जाया गया था. इसमें विक्की की प्रमुख भूमिका थी. पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने छात्रों से विक्की ने अपने कोचिंग सेंटर पर यह पेपर सॉल्व कराया है.  

गारंटी के तौर पर रखे जाते चेक और सर्टिफिकेट

एसपी के मुताबिक, अभी तक 2 छात्रों के बयान लिए गए हैं. जि नए सेंटर पर परीक्षा कराई गई थी वहां पर 15 से 18 बच्चों के संबंध में जानकारी मिली है, उन छात्रों का भी पेपर लीक मामले से संबंध है. फिलहाल उनकी पुष्टि नहीं हुई है. 

एसपी ने आगे कहा कि हर छात्र से अलग-अलग डील होती थी. किसी से ज्यादा तो किसी से कम पैसे लिए गए थे. कुछ रकम एडवांस भी ले ली गई थी. वहीं, छात्रों से गारंटी के तौर पर ब्लैंक चेक और मार्कशीट ले ली गईं थी. इस गैंग में और भी लोगों के जुड़े होने की बात सामने आई है. हमारी जांच जारी है.


 

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