महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से बदले की एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. छेड़छाड़ के एक मामले में जमानत पर छूटे आरोपी और उसके परिजनों ने पीड़ित महिला के पति को आग लगा दी. ये घटना 29 दिसंबर की सुबह नायगांव तहसील के बेंद्री गांव की है, जहां घायल व्यक्ति जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित की पत्नी ने गांव के ही संतोष माधवराव बेंद्रीकर के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के आधार पर 22 दिसंबर को नायगांव पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था. एक हफ्ते तक फरार रहने के बाद पुलिस ने 28 दिसंबर को आरोपी को नरसी इलाके से गिरफ्तार किया. हालांकि, कुछ ही घंटों बाद उसको जमानत मिल गई.
आरोपी अपने गांव वापस लौट आया. वो अपने पिता माधव और भाई शिवकुमार के साथ मिलकर पीड़ित के पति से भिड़ गया, जिसने शिकायत दर्ज कराने में अपनी पत्नी का साथ दिया था. यह वारदात 29 दिसंबर की सुबह करीब 5.30 बजे हुई. उस वक्त पीड़ित अपने घर के पास बने टिन शेड में भैंसों को चारा देने गया था. तभी तीनों आरोपियों ने उसे चारों ओर से घेर लिया.
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. पीड़ित की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में उसे नांदेड़ शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संतोष बेंद्रीकर, उसके पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया.
30 दिसंबर को तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. इस जघन्य घटना के बाद बेंद्री गांव में तनाव का माहौल है. हालात को देखते हुए उप-विभागीय पुलिस अधिकारी श्याम पनेगांवकर ने गांव का दौरा किया. तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
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