राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में कई जगहों पर छापेमारी की. यह मामला आतंकी साजिश से जुड़ा है. अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई एक आतंकवादी साजिश की जांच के तहत की गई है, जिसमें साल 2024 में दो लोगों के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद होने से हड़कंप मच गया था. जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे काम कर रहे लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हुई है.
दो इलाकों में सर्च ऑपरेशन
एनआईए की टीम ने पुंछ जिले के अलग-अलग इलाकों में तलाशी अभियान चलाया. अधिकारियों के अनुसार छापेमारी खास तौर पर मोहल्ला खोरीनार और हरि-सुरनकोट इलाके में की गई. इन स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों और आतंक से जुड़े लिंक की जांच के लिए कई घरों और ठिकानों की तलाशी ली गई. जांच एजेंसी का मकसद इस मामले से जुड़े संभावित नेटवर्क और सहयोगियों का पता लगाना है.
आतंकी नेटवर्क की साजिश
यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें 2024 में सीमा से सटे पुंछ जिले में दो लोगों के पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने उस समय एक पिस्टल और दो ग्रेनेड बरामद किए थे. इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों को शक हुआ कि इसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क की साजिश हो सकती है. इसी आधार पर एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी.
संदिग्ध ठिकानों की पहचान
जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि इस मामले में सीमा पार से भी कनेक्शन हो सकता है. एजेंसी के मुताबिक आरोपियों के तार पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर से जुड़े हुए थे. जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के जरिए हथियारों की सप्लाई और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी. इसी कड़ी में एजेंसी लगातार संदिग्ध ठिकानों की पहचान कर छापेमारी कर रही है.
आरोपियों की तलाश
जांच एजेंसी ने इस मामले में पहले ही दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है. इनमें अब्दुल अजीज और मुनव्वर हुसैन शामिल हैं. इनके साथ ही पाकिस्तान में बैठे उनके कथित हैंडलर नजीर हुसैन को भी आरोपी बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक NIA ने पिछले साल अप्रैल में अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी और अब इस साजिश से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की तलाश की जा रही है.
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