निजामुद्दीन-मुंबई ट्रेन में 6.30 करोड़ की ड्रग्स के साथ महिला गिरफ्तार, ट्रॉली बैग में छिपाया था मेथम्फेटामाइन

निजामुद्दीन से मुंबई जा रही ट्रेन में 6.30 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन के साथ एक महिला को सूरत रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया. डीआरआई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के संकेत मिलने पर इस मामले की जांच तेज कर दी है. पढ़ें इस बरामदगी की पूरी कहानी.

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आरोपी महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है (फोटो-ITG) आरोपी महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है (फोटो-ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • सूरत,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

दिल्ली से मुंबई जा रही निजामुद्दीन ट्रेन में ड्रग्स तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है. सूरत रेलवे स्टेशन पर डीआरआई (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की टीम ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से करीब 6.30 करोड़ रुपये की मेथम्फेटामाइन ड्रग्स बरामद हुई है. आरोपी महिला नासिक की रहने वाली बताई जा रही है और बेहद शातिर तरीके से ड्रग्स को छिपाकर यात्रा कर रही थी. इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है.

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डीआरआई को पहले से ही गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली से मुंबई जाने वाली ट्रेन में एक महिला भारी मात्रा में ड्रग्स लेकर सफर कर रही है. सूचना इतनी सटीक थी कि उसमें महिला की सीट संख्या तक शामिल थी. इसी इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने सूरत रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया और ट्रेन के पहुंचते ही संदिग्ध महिला को घेर लिया. शुरुआती पूछताछ में महिला ने खुद को सामान्य यात्री बताया, जिससे पहले नजर में कोई शक नहीं हुआ.

जब अधिकारियों ने महिला के ट्रॉली बैग की गहन जांच की, तो असली सच्चाई सामने आई. बैग के निचले हिस्से में टेप की मदद से ड्रग्स के पैकेट चिपकाए गए थे. ऊपर से कपड़े और जूतों के डिब्बे इस तरह रखे गए थे कि किसी को भी शक न हो सके. इस बेहद चालाकी भरे तरीके को देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई. बरामद ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 6.30 करोड़ रुपये आंकी गई है.

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गिरफ्तार महिला की पहचान 45 वर्षीय मेलारियो हेनरी के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के नासिक की रहने वाली है. डीआरआई अधिकारियों ने उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. पूछताछ के दौरान महिला से ड्रग्स के स्रोत और डिलीवरी नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है. शुरुआती जांच में यह मामला संगठित तस्करी से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है.

गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को सूरत की अदालत में पेश किया गया, जहां मादक पदार्थ तस्करी जैसे गंभीर अपराध को देखते हुए कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इस दौरान जांच एजेंसियां महिला के पिछले रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की जांच कर रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक कड़ी है और इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है.

जिस तरह से ड्रग्स को पैक और ट्रांसपोर्ट किया जा रहा था, उससे डीआरआई को अंतरराष्ट्रीय ड्रग गिरोह की संलिप्तता का शक है. दिल्ली से सूरत होते हुए मुंबई तक इस तरह की हाई-वैल्यू ड्रग्स की सप्लाई कोई साधारण मामला नहीं माना जा रहा. जांच एजेंसियां अब इस पूरे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.

डीआरआई अब दिल्ली और मुंबई दोनों जगहों पर सप्लाई चेन की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि देश में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एजेंसियां लगातार सख्त कदम उठा रही हैं और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश जारी है.

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