महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब राज्य के मंत्री नरहरि झिरवाल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. इस वीडियो को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं.
हालांकि, अभी तक इस वीडियो की सत्यता को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मामला सामने आते ही इसे लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए. इसी बीच पुलिस ने भी इस पूरे मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है.
इस मामले में मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है. यह शिकायत एक ट्रांसजेंडर की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पुलिस के अनुसार, शिकायत में बताया गया है कि वीडियो को लेकर दबाव बनाने और धमकी देने की कोशिश की गई थी. इस पूरे घटनाक्रम ने मामला और संवेदनशील बना दिया है. पुलिस ने शिकायत मिलते ही प्राथमिक जांच शुरू कर दी और संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया.
FIR में आरोप लगाया गया है कि ट्रांसजेंडर के भाई ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) में नौकरी दिलाने की मांग की थी. इसके साथ ही उसने कथित तौर पर वीडियो को वायरल करने की धमकी भी दी. शिकायत में यह भी कहा गया है कि वीडियो को एडिट या छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर फैलाया गया. इन आरोपों के चलते मामला ब्लैकमेलिंग और साजिश के एंगल से भी देखा जा रहा है. पुलिस अब इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है.
कफ परेड पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 और 351(1) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है. इन धाराओं के अंतर्गत किसी की निजी जानकारी का दुरुपयोग करना, बदनाम करने के उद्देश्य से कंटेंट फैलाना और धमकी देना गंभीर अपराध माना जाता है. पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि वीडियो असली है या उसमें छेड़छाड़ की गई है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.
फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है और कफ परेड पुलिस हर एंगल को खंगाल रही है. वीडियो के वायरल होने से मंत्री की छवि पर असर पड़ा है, वहीं इस केस ने साइबर क्राइम और प्राइवेसी से जुड़े मुद्दों को भी एक बार फिर चर्चा में ला दिया है. आने वाले दिनों में जांच के नतीजे इस मामले की दिशा तय करेंगे. पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या खबर को शेयर न करें.
दीपेश त्रिपाठी