नागपुर जिले के रामटेक तहसील के नवरगांव इलाके में एक ढाबे पर हुई चौंकाने वाली घटना करीब छह महीने बाद सामने आई है. ढाबे पर काम करने वाले एक रसोइए की मौत के बाद इस घटना को पुलिस से छिपाने के लिए उसका शव जमीन में दफन कर दिया गया था.
गुप्त सूचना के आधार पर नागपुर ग्रामीण पुलिस और रामटेक पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जमीन में दफन शव को बाहर निकाला. इस मामले में ढाबे के चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह महादेव सिंह बैंस उर्फ ठाकुर यह नवरगांव सीमा पर स्थित एक टूरिस्ट ढाबे में कई वर्षों से रसोइए के रूप में काम कर रहा था. लगभग छह महीने पहले ढाबे के परिसर में उसकी मौत हो गई थी.
शुरू में यह चर्चा थी कि उसने शराब के नशे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. हालांकि घटना की जानकारी पुलिस को देने के बजाय ढाबे पर काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने शव को ढाबे के पीछे ले जाकर जमीन में दफन कर दिया, ऐसा प्रारंभिक जांच में सामने आया है. घटना की कहीं भी कोई आधिकारिक जानकारी दर्ज नहीं होने के कारण यह मामला कई महीनों तक छिपा रहा.
इसी बीच, नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय को इस मामले की गुप्त सूचना मिली. सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. नागपुर ग्रामीण पुलिस और रामटेक पुलिस की टीम नवरगांव स्थित संबंधित ढाबे पर पहुंची.
राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में ढाबे के पीछे संदिग्ध जगह पर खुदाई की गई. कुछ समय की तलाश के बाद जमीन में दफन शव बरामद हुआ. पुलिस ने पंचनामा कर शव को बाहर निकाला और आगे की जांच के लिए नागपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया.
घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी पहुंची थी. उन्होंने इलाके की बारीकी से जांच कर अहम सबूत इकट्ठा किए. मौत का सही कारण क्या है और यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इस बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, ऐसा पुलिस ने बताया.
इस मामले में ढाबे पर काम करने वाले चार कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है. शव को जमीन में क्यों दफन किया, इसके पीछे क्या कारण था और क्या इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है, इसकी गहन जांच की जा रही है. इस बीच छह महीने बाद सामने आई इस घटना से नवरगांव इलाके में सनसनी फैल गई है.
योगेश पांडे