मोगा के ड्रग हॉटस्पॉट में लेडी सिंघम की दबिश, 5 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त

पंजाब में नशे के खिलाफ जंग और तेज हो गई है. मोगा के ड्रग हॉटस्पॉट इलाकों में लेडी सिंघम के नाम से मशहूर डीआईजी नीलांबरी जगदले विजे की अचानक दबिश से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया. पुलिस की सख्ती देख कई तस्कर घर छोड़कर फरार हो गए.

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पंजाब के मोगा के चार सब-डिवीजनों में पुलिस का महाऑपरेशन. (Photo: ITG) पंजाब के मोगा के चार सब-डिवीजनों में पुलिस का महाऑपरेशन. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • मोगा,
  • 20 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:16 PM IST

लेडी सिंघम के नाम से मशहूर डीआईजी फरीदकोट रेंज नीलांबरी जगदले विजे ने मोगा जिले के ड्रग हॉटस्पॉट इलाकों में अचानक दबिश दे दी. डीआईजी खुद पैदल चलकर बस्तियों में पहुंचीं और नशा तस्करी से जुड़े संदिग्धों के घरों की तलाशी ली. इस कार्रवाई के दौरान कई नशा तस्कर अपने घरों से फरार मिले. पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

डीआईजी नीलांबरी जगदले विजे ने केवल सर्च ऑपरेशन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बस्तियों में मौजूद बच्चों से बातचीत कर उन्हें नशे से दूर रहने की सीख दी. उन्होंने बच्चों से कहा कि यदि कोई उन्हें नशे के लिए उकसाए, तो तुरंत अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दें. उन्होंने बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह भी दी.

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डीआईजी ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि यदि कोई नशीली सामग्री बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पंजाब सरकार के निर्देशों के तहत युद्ध नशा विरुद्ध अभियान के अंतर्गत जिले के चारों सब-डिवीजनों मोगा, धर्मकोट, निहाल सिंह वाला और बाघापुराना के चिन्हित ड्रग हॉटस्पॉट में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. 

इस अभियान में जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल रहे. करीब 300 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई. डीआईजी ने बताया कि सभी सब-डिवीजनों में 2 से 3 स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन किया गया, जिसमें एसपी, डीएसपी और संबंधित थाना प्रभारियों की सक्रिय भूमिका रही. इस दौरान 5 एफआईआर दर्ज की जा रही हैं. 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है. 

डीआईजी नीलांबरी जगदले विजे ने खुद मोगा की साधावाला बस्ती में जाकर चेकिंग की, जिसे एक प्रमुख ड्रग हॉटस्पॉट माना जाता है. इस क्षेत्र में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 40 मामले दर्ज हो चुके हैं और 53 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा 2 बड़े नशा तस्करों के घरों को डिमोलाइज किया गया है, जबकि 7  तस्करों के घरों पर कार्रवाई की जा चुकी है.

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उन्होंने बताया कि 1 मार्च 2025 से अब तक मोगा पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है. इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 1180 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 63 मामले कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े हैं. पुलिस ने कुल 2030 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया, जिनमें 163 बड़े तस्कर शामिल हैं. इस दौरान पुलिस ने कई बड़ी बरामदगी की हैं.

पुलिस ने अब तक 39 किलो से अधिक हेरोइन, 29 किलो अफीम, 12 लाख 80 हजार नशीली गोलियां और 16 लाख रुपए ड्रग मनी बरामद की है. इसके साथ ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत 8 नशा तस्करों की करीब 7 करोड़ 15 लाख रुपए की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है. पंजाब सरकार की सेफ पंजाब योजना के तहत हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है.

इस पर मिले इनपुट के आधार पर 281 एफआईआर दर्ज की गई हैं. वहीं सांझ केंद्र की ओर से स्कूलों और कॉलेजों में जाकर बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है. इसके अलावा नशे के आदी लोगों के पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है. 292 नशा करने के आदी व्यक्तियों को सरकारी नशा छुड़ाओ केंद्रों में भर्ती कराया गया है. 

861 लोगों को नशा रिहैब सेंटर भेजा गया है और करीब 1700 ड्रग एडिक्ट्स को सरकारी ओट (ओपीटी) सेंटरों में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं. अंत में डीआईजी नीलांबरी जगदले विजे ने नशा तस्करों को दो टूक चेतावनी दी कि वे नशे का कारोबार छोड़कर सामान्य जीवन अपनाएं, अन्यथा उन्हें जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ेगा.

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