बच्चा चोर समझकर भीड़ ने बुजुर्ग महिला को पीट-पीटकर मार डाला, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

झारखंड के गुमला जिले में बच्चा चोर की अफवाह के बाद भीड़ ने 55 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पढ़ें इस वारदात की पूरी कहानी.

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पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है (फोटो-ITG) पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • गुमला,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:14 PM IST

झारखंड के गुमला जिले में अफवाह के कारण भीड़ की हिंसा का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है. जहां ग्रामीणों ने एक बुजुर्ग महिला को बच्चा चोर समझकर पीट-पीटकर मार डाला. पुलिस के अनुसार इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. यह घटना रविवार रात की बताई जा रही है, जब गांव में फैली एक अफवाह ने अचानक हिंसक रूप ले लिया. स्थानीय लोगों ने बिना सच्चाई जाने महिला पर हमला कर दिया. इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

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आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सोमवार को चार लोगों को पकड़ा गया था, जबकि मंगलवार को चार अन्य आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया गया. सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है. जांच के दौरान गांव के कई लोगों से पूछताछ भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भीड़ को भड़काने में किसकी भूमिका थी.

बच्चा चोर की अफवाह से भड़की भीड़
पुलिस के मुताबिक यह घटना रविवार रात गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के लागाबा गांव में हुई. बताया जा रहा है कि गांव में अचानक यह अफवाह फैल गई कि इलाके में बच्चा चोर घूम रहा है. इसी दौरान 55 वर्षीय महिला गांव के आसपास दिखाई दी. कुछ लोगों ने उसे संदिग्ध मान लिया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए. इसके बाद भीड़ ने महिला पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया.

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लाठी और पत्थरों से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब ग्रामीणों ने महिला को घेरा तो वह डरकर भागने लगी. लेकिन भीड़ ने उसे पकड़ लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. लाठियों और पत्थरों से किए गए हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. कुछ ही देर में उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.

पुलिस ने कहा- मॉब लिंचिंग का मामला 
गुमला के पुलिस अधीक्षक हरीश बिन ज़मान ने बताया कि महिला को बच्चा चोर समझकर भीड़ ने उसकी हत्या कर दी. उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने इसे साफ तौर पर मॉब लिंचिंग का मामला माना है. सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.

मानसिक रूप से बीमार थी पीड़िता
बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन कुमार यादव के अनुसार मृत महिला मानसिक रूप से बीमार थी. वह पिछले कुछ दिनों से इलाके में इधर-उधर घूमती हुई देखी जा रही थी. घटना वाली रात वह टेट्रा उरांव नामक व्यक्ति के घर के पास दिखाई दी थी. जब गांव के लोग उसके पास पहुंचे तो वह घबराकर भागने लगी. इसी बात से ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने उसे पकड़ लिया. इसके बाद भीड़ ने उस पर हमला कर दिया.

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अब तक नहीं हुई शव की पहचान
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद महिला के शव को गुमला के सदर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है. अभी तक कोई भी व्यक्ति शव की पहचान करने या उसे लेने के लिए आगे नहीं आया है. पुलिस अगले 24 घंटे तक इंतजार करेगी ताकि महिला की पहचान हो सके. अगर इस दौरान कोई सामने नहीं आता, तो नियमों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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