गुजरात ATS ने नाकाम की बड़े हमले की साजिश, ISIS से प्रभावित दो संदिग्ध गिरफ्तार

गुजरात ATS ने ISIS से प्रभावित 2 संदिग्धों को गुजरात और मुंबई से गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों गज़वा-ए-हिंद के तहत साजिश रच रहे थे और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ फैला रहे थे. क्या है पूरा मामला? जानने के लिए पढ़ें ये कहानी.

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ATS अब लगातार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है (फोटो-ITG) ATS अब लगातार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है (फोटो-ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • अहमदाबाद,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:44 PM IST

गुजरात एटीएस (ATS) ने एक बड़े आतंकी षड्यंत्र का खुलासा करते हुए दो हाईली रेडिकल युवकों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों संदिग्ध सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुए थे और भारत में गजवा-ए-हिंद स्थापित करने की साजिश रच रहे थे. इनमें एक आरोपी गुजरात से और दूसरा महाराष्ट्र से पकड़ा गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन समय रहते सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें पकड़ लिया.

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गुजरात ATS ने इरफान पठान नाम के युवक को पाटन जिले के सिद्धपुर से गिरफ्तार किया है. इरफान 22 साल का है और उसने एमएससी (केमिस्ट्री) की पढ़ाई की है. पढ़ाई-लिखाई के बावजूद वह सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित हुआ और धीरे-धीरे पूरी तरह रेडिकल बन गया. जांच में सामने आया कि वह भारत में ISIS जैसी उग्रवादी संस्था खड़ी करना चाहता था और हिंदुओं को अपना दुश्मन मानता था.

दूसरे आरोपी की पहचान मुर्शिद शेख के रूप में हुई है, जिसे महाराष्ट्र के मुंबई से पकड़ा गया है. मुर्शिद मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और सिर्फ 9वीं तक पढ़ा है. उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है. वह भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ा और इरफान के संपर्क में आया. दोनों के बीच पिछले 5-6 महीनों से लगातार बातचीत चल रही थी और वे मिलकर एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे.

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ATS की जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे और वहीं से उन्हें कट्टरपंथी सामग्री मिलती थी. इसी के जरिए वे एक-दूसरे के संपर्क में आए और फिर धीरे-धीरे उनकी सोच और ज्यादा उग्र होती चली गई. दोनों का मकसद भारत में गजवा-ए-हिंद की विचारधारा को लागू करना था और इसके लिए वे समान सोच वाले युवाओं को जोड़ने में लगे हुए थे.

जांच एजेंसियों को दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम सबूत मिले हैं. इन सबूतों से यह भी पता चला है कि उनका संपर्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान में सक्रिय ISIS जैसे आतंकी संगठनों से था. वे इन संगठनों से बातचीत कर रहे थे और भारत में एक नया कट्टरपंथी नेटवर्क खड़ा करने की योजना बना रहे थे. इसके लिए फंडिंग जुटाने और लोगों की भर्ती करने की कोशिश भी की जा रही थी.

पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी भारत में अलग-अलग लोगों पर हमले करने की योजना बना रहे थे. उनके निशाने पर देश के राजनीतिक नेता और RSS से जुड़े लोग थे. हालांकि अभी तक उन्होंने किसी खास जगह की रेकी नहीं की थी, लेकिन बातचीत में बार-बार हमले और टारगेट की बात सामने आई है. ATS का मानना है कि अगर समय रहते इन्हें नहीं पकड़ा जाता, तो ये किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे.

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इरफान और मुर्शिद दोनों ही युवाओं को कट्टर बनाने में सोशल मीडिया की बड़ी भूमिका सामने आई है. वे अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहकर लोगों को जोड़ने और उन्हें अपनी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे. जांच में यह भी सामने आया है कि वे युवाओं को इकट्ठा कर उन्हें हथियारों और बम बनाने की ट्रेनिंग देने की योजना बना रहे थे, जिसमें RDX जैसे विस्फोटकों का इस्तेमाल शामिल था.

गुजरात ATS को इस पूरे मामले की जानकारी गुप्त इनपुट के जरिए मिली थी. इसके बाद टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पहले इरफान को हिरासत में लिया और फिर उसके डिजिटल डिवाइस की जांच की. इसी जांच के दौरान मुर्शिद से उसके संबंधों का खुलासा हुआ, जिसके बाद उसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया. दोनों की गिरफ्तारी के बाद एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है.

फिलहाल, ATS दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क को खंगाल रही है. अब यह जांच की जा रही है कि इनके साथ और कितने लोग जुड़े हुए थे और उनका मकसद कितना बड़ा था. FSL जांच के बाद यह भी साफ होगा कि इनके निशाने पर कौन-कौन लोग थे. फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते इस साजिश को नाकाम कर एक बड़ी घटना को टाल दिया है.

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