गोवा के नाइटक्लब फायर केस से जुड़े एक अहम मामले में लूथरा ब्रदर्स को बड़ी राहत मिली है. मापुसा की अदालत ने सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को कथित फर्जी एनओसी मामले में नियमित जमानत दे दी है. यह फैसला गोवा के मापुसा स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने सुनाया.
यह मामला मापुसा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कैंडोलिम द्वारा जारी एनओसी की कथित जालसाजी का आरोप है. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब लूथरा ब्रदर्स की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. उन्हें कोलवाले सेंट्रल जेल से आज शाम तक रिहा किए जाने की संभावना जताई जा रही है.
फर्जी दस्तावेज केस में लूथरा ब्रदर्स को मिली राहत
हालांकि, अदालत ने जमानत देते हुए एक शर्त भी लगाई है. दोनों आरोपियों को गोवा छोड़ने से पहले अदालत से अनुमति लेनी होगी. जानकारी के अनुसार, लूथरा ब्रदर्स को इस मामले में 30 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी उस समय हुई थी, जब नाइटक्लब फायर केस में जमानत मिलने से दो दिन पहले उन्हें इस नए मामले में हिरासत में लिया गया.
इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को मेरसेस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने उन्हें नाइटक्लब फायर केस में जमानत दे दी थी. मापुसा में दर्ज एफआईआर फर्जी एनओसी से जुड़ी है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि कैंडोलिम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जारी दस्तावेज में जालसाजी की गई.
जेल से बाहर आएंगे लूथरा ब्रदर्स
इस पूरे घटनाक्रम में लूथरा ब्रदर्स लगातार कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे. अब इस मामले में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है. फिलहाल, इस केस में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और अदालत में सुनवाई के दौरान मामले की जांच आगे बढ़ेगी.
रीतेश देसाई