कभी IB अफसर, कभी IPS बनकर सालों तक करता रहा ठगी, हैरान कर देगी पकड़े गए इस शातिर ठग की कहानी

खुद को आईबी (IB) और IPS अफसर बताकर ठगी करने वाले विमल भट्ट उर्फ सोनू को आखिरकार दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ा गया आरोपी साल 2017 के एक केस में फरार था. जिसे 2025 में आदतन अपराधी घोषित किया गया था. पढ़ें पूरी कहानी.

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी को पकड़ा है (फोटो-ITG) दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी को पकड़ा है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:05 PM IST

Fake Police Officer Arrested: दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली में लोगों को ठगने वाले एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अफसर बताकर घूमता था. आरोपी ने सालों तक नकली पहचान के सहारे लोगों में डर और रौब का माहौल बनाया और लोगों को चूना लगाया. यह मामला साल 2017 से जुड़ा है, जिसमें आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस के मुताबिक, वह खुद को IPS अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करता था. अब इस फर्जी अफसर की असलियत पूरी तरह सामने आ चुकी है.

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कौन है आरोपी विमल भट्ट उर्फ सोनू?
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विमल भट्ट उर्फ सोनू के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार, विमल लंबे समय से अलग-अलग इलाकों में अपनी फर्जी पहचान के सहारे घूम रहा था. लोगों को वह खुद को IB में तैनात वरिष्ठ अधिकारी बताता था. इसी झूठी पहचान के दम पर वह लोगों को प्रभावित करता और अपने काम निकालता था.

पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया से गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने आरोपी को 29 जनवरी को पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया से गिरफ्तार किया. आरोपी लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था. उसे पहले ही अदालत द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था. पुलिस की कई टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया था. आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया गया.

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IPS और IB अफसर बनकर ठगी
जांच में सामने आया कि विमल भट्ट खुद को IPS अधिकारी बताकर यह दावा करता था कि वह इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात है. उसने इसके लिए फर्जी पहचान पत्र भी बनवा रखा था. यह नकली आईडी कार्ड दिखाकर वह लोगों को सरकारी अफसर होने का भरोसा दिलाता था. लोग उसके रुतबे से डरकर सवाल करने की हिम्मत नहीं करते थे. इसी भरोसे का वह जमकर गलत इस्तेमाल करता था.

पुलिस लिखी गाड़ी और सायरन
आरोपी एक ऐसी गाड़ी में घूमता था, जिस पर ‘POLICE’ लिखा होता था. गाड़ी में सायरन और लाउड हेलर भी लगे होते थे. जब वह सड़क पर निकलता, तो आम लोग उसे असली पुलिस अधिकारी समझ लेते थे. इस दिखावे से वह लोगों में डर पैदा करता और खुद को ताकतवर साबित करता था. पुलिस का कहना है कि यह सब उसने पूरी प्लानिंग के तहत किया था.

फर्जी दस्तावेज़ और सरकारी पहचान
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई चौंकाने वाले सामान बरामद किए. इनमें फर्जी IB पहचान पत्र, वॉकी-टॉकी, पुलिस स्टाइल एक्सेसरीज़, सायरन और लाउड हेलर शामिल हैं. इसके अलावा गृह मंत्रालय के नाम से जारी एक और फर्जी आईडी कार्ड भी मिला. कई दस्तावेज़ ऐसे भी थे, जिन पर सरकारी मुहर और फर्जी साइन थे.

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धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं दर्ज
इन सभी बरामदगियों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज़ों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराएं लगाई गईं. पुलिस के मुताबिक, यह एक गंभीर अपराध है क्योंकि इससे आम जनता का भरोसा प्रशासन से उठ सकता है. इसी वजह से मामले को गंभीरता से लिया गया. अदालत में पेशी के दौरान आरोपी को पहले ही घोषित अपराधी माना जा चुका था.

घोषित अपराधी है विमल भट्ट
द्वारका साउथ थाने में दर्ज इस मामले की सुनवाई के दौरान 4 अगस्त 2025 को विमल भट्ट को उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था. इसके बाद से वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था. ट्रायल के दौरान उसकी गैरमौजूदगी ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी थीं. आखिरकार दिल्ली पुलिस ने उसे पकड़कर कानून के कटघरे में खड़ा कर दिया.

कई गंभीर मामलों में नामजद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विमल भट्ट कई अन्य मामलों में भी आरोपी रह चुका है. उस पर उधमपुर में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट का मामला दर्ज है. नवाबाद में 2020 में लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का केस भी दर्ज हुआ था. इसके अलावा 2018 में नारायणा थाने में उस पर ठगी, पहचान बदलकर धोखा देने, बलात्कार, शादी का झांसा देकर साथ रहने और अप्राकृतिक अपराध जैसी गंभीर धाराएं भी दर्ज हैं.

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