Deoria: 5 लाख के बदले होता था '15 लाख' रुपये देने का सौदा, फिर बॉक्स में निकलता था ये...

UP News: यूपी के देवरिया जिले में पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को रुपये के बदले तीन गुना रुपये देना का लालच देकर उन्हें ठगता था.

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पुलिस की गिरफ्त में बदमाश पुलिस की गिरफ्त में बदमाश

राम प्रताप सिंह

  • देवरिया,
  • 03 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 5:53 PM IST
  • यूपी के देवरिया में पुलिस के हत्थे चढ़ा गैंग
  • लोगों को नकली नोट देकर हो जाते थे फरार

UP News: यूपी की देवरिया पुलिस ने लोगों का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गैंग को पकड़ा है. यह गैंग लोगों को रुपये के बदले तीन गुना रुपये देने का लालच देकर उनके असली रुपयों को लेकर उन्हें रद्दी कागज से भरा डिब्बा देकर रफूचक्कर हो जाते थे. इस गैंग के टारगेट पर व्यापारी रहे थे. सूचना मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और गैंग को धर दबोचा.

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बदमाशों से बरामद हुए नकली नोट

थाना रामपुर कारखाना की पुलिस ने इस गैंग के तीन बदमाशों को अरेस्ट किया है. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. साथ ही पुलिस ने इनसे नकली करेंसी भी जब्त की है. पुलिस ने बदमाशों से 100 रुपये के 7 असली नोट, 500 रुपये के पुराने 9 नोट, 500 रुपये के 35 नकली नोट, 200 रुपये के 35 नकली नोट, 100 के 30 नकली नोट और कागज से भरा डिब्बा बरामद किया है, जिसमें केवल 100 के 7 नोट बाकी कागज की रद्द भरी हुई थी.

गैंग के बारे में पुलिस को यूं मिली सूचना

नवाज शरीफ नाम के शख्स ने थाना रामपुर कारखाना पुलिस को लिखित शिकायत की थी कि उसके फोन नंबर पर पिछले दो-तीन दिन से कोई अंजान व्यक्ति फोन कर रहा है. नवाज ने बताया कि वह शख्स उससे कह रहा कि उसके पास 100 के बहुत ज्यादा नोट हैं. वह उन्हें एक लाख रुपये के बदले तीन लाख रुपये देगा. पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

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गैंग को पकड़ने के लिए बिछाया गया जाल

इसके बाद सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी और थाना रामपुर कारखाना एसएचओ अनिल यादव ने एसओजी टीम के साथ मिलकर गैंग को पकड़ने के लिए सुनियोजित जाल बिछाया. शिकायतकर्ता नवाज शरीफ से फोन कराया कि उसके पास 5 लाख रुपये हैं. उसके बदले उसे 15 लाख रुपये चाहिए. इस पर बदमाशों ने फौरन हामी भर दी और नवाज को बुला लिया.

जिसके बाद सीओ और एसएचओ खुद बाइक पर बैठकर बदमाशों की ओर से बताई गई जगह पर पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया. पुलिस को जो डिब्बा उनसे बरामद हुआ उसमें 100 के मात्र 7 नोट असली थी और पूरा डिब्बा रद्दी से भरा हुआ था.

पुलिस ने जिन बदमाशों को अरेस्ट किया है. उनकी पहचान लतीफ अंसारी, इमरान अंसारी और अंकित प्रजापति के रूप में हुई है. सभी आरोपी कुशीनगर के रहने वाले हैं. लतीफ अंसारी और इमरान अंसारी कुशीनगर में थाना पटहेरवा के ग्राम चौरादीगर का रहने वाले हैं तो वहीं अंकित प्रजापति ग्राम चौराडीह थाना पटहेरवा जनपद कुशीनगर का रहने वाला हैं. यह गैंग पिछले कई सालों से इस धंधे में संलिप्त था.

लोगों को ऐसे फंसाते थे अपने जाल में

यह गैंग कुछ दुकानों को चिन्हित कर मोबाइल से नाम नंबर लिखे हुए बोर्ड की तस्वीर खींच लेते थे. उसके बाद उन नंबरों पर फोन कर यह कहते थे कि उनके पास 100 के ज्यादा नोट हैं. उनको यह कैश कहीं ले जाना है और काफी ज्यादा होने की वजह से समस्या हो रही है. वह उन रुपयों के बदले तीन गुना रुपये देने को तैयार हैं, जो इनके झांसे में आ गया. वह इनके बुलाए स्थान पर पहुंच जाता था. अक्सर यह लोग भीड़ भाड़ वाला इलाका चुनते थे ताकि जल्दी से काम को अंदाज देकर आसानी से भागा जा सके.

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जब व्यक्ति पहुंचता था तो एक कार्टून में 100 के 5 से 6 नोट अलग-अलग हिस्सों में रख देते थे और पूरा कार्टून रद्दी पेपर से भर देते थे. यदि कस्टमर कहता था कि दिखाओ तो ये लोग गत्ते के बाहर से मार्क किए हुए हिस्से को कट मारकर 100 के नोट दिखा देते थे. लोग इनके जाल में फंस जाता था और असली पैसे लेकर ये बदमाश चंपत हो जाते थे. एसपी ने इसमें पुलिस टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है. वहीं, डीआईजी रेंज और एडीजी जोन की ओर से सीओ सिटी को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है.

 

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